
पटना: बिहार सरकार ने राज्य के पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने बेतिया, पूर्णिया, मधेपुरा, छपरा और समस्तीपुर के मेडिकल कॉलेजों में 366 सहायक प्राध्यापकों (Assistant Professors) की नियुक्ति को मंजूरी दी है। इन पदों पर फिलहाल संविदा यानी नियोजन के आधार पर नियुक्ति की जाएगी। यह व्यवस्था नियमित नियुक्ति होने तक जारी रहेगी।
यह फैसला बिहार कैबिनेट की हालिया बैठक में लिया गया। सरकार के इस निर्णय से इन मेडिकल कॉलेजों में खाली पड़े शिक्षकों के पदों को भरने का रास्ता साफ हो गया है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, मेडिकल कॉलेजों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की उपलब्धता पढ़ाई और चिकित्सा प्रशिक्षण के लिए जरूरी है।
इन पांच मेडिकल कॉलेजों में होगी नियुक्ति
सरकार की मंजूरी के तहत जिन पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों में नए शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी, उनमें शामिल हैं।
.राजकीय मेडिकल कॉलेज, बेतिया
.राजकीय मेडिकल कॉलेज, पूर्णिया
.जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, मधेपुरा
.राजकीय मेडिकल कॉलेज, छपरा
.राजकीय मेडिकल कॉलेज, समस्तीपुर
नियोजन के आधार पर होने वाली इन नियुक्तियों से मेडिकल कॉलेजों के विभिन्न विभागों में फैकल्टी की उपलब्धता बढ़ने की संभावना है। इससे छात्रों को पढ़ाई के दौरान संबंधित विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन मिल सकेगा।
मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की संख्या का असर केवल पढ़ाई पर ही नहीं पड़ता, बल्कि अस्पताल की सेवाओं पर भी इसका प्रभाव होता है। मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में मरीजों के इलाज, जांच और चिकित्सकीय प्रशिक्षण में भी फैकल्टी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सरकार के इस फैसले से इन पांच मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों और इलाज के लिए आने वाले मरीजों को लाभ मिलेगा।


