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Jharkhand Politics: झारखंड विधानसभा में भारी हंगामा, नियोजन नीति और कानून व्यवस्था पर विपक्ष ने सरकार को घेरा, कार्यवाही स्थगित

झारखंड विधानसभा में नियोजन नीति, कानून व्यवस्था पर BJP का हंगामा, हेमंत सरकार घिरी, कार्यवाही स्थगित

Jharkhand Politics: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत आज, 25 अगस्त 2025 को, हंगामे और शोर-शराबे के साथ हुई। सत्र के पहले ही दिन मुख्य विपक्षी दल बीजेपी के विधायकों ने नियोजन नीति, राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विपक्ष के आक्रामक तेवर के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी और स्पीकर को कई बार कार्यवाही स्थगित करने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस हंगामे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह सत्र सरकार के लिए आसान नहीं रहने वाला है।

इन मुद्दों पर सरकार को घेरा गया

सत्र शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने अपने इरादे जाहिर कर दिए थे। बीजेपी विधायक हाथों में तख्तियां लेकर विधानसभा पहुंचे, जिन पर ’60:40 नाय चलतो’ (60:40 नहीं चलेगा), ‘युवाओं को रोजगार दो’ और ‘झारखंड में कानून का राज स्थापित करो’ जैसे नारे लिखे हुए थे। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के सदस्य वेल में आ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। विपक्ष का मुख्य आरोप था कि सरकार की नियोजन नीति झारखंड के युवाओं के साथ धोखा है और राज्य में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है, लेकिन सरकार इसे नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल रही है।

सदन के भीतर का नजारा रहा तनावपूर्ण

विधानसभा के अंदर का माहौल बेहद तनावपूर्ण रहा। विपक्षी विधायक लगातार स्पीकर के आसन के करीब आकर हंगामा करते रहे। उन्होंने सरकार से नियोजन नीति पर स्थिति स्पष्ट करने और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री से जवाब देने की मांग की। हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री ने विपक्ष से सदन को चलने देने की अपील की और कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा से भाग रहा है। हालांकि, विपक्ष अपनी मांगों पर अड़ा रहा और नारेबाजी जारी रखी, जिसके कारण सदन में कुछ भी सुनना मुश्किल हो गया।

स्पीकर की अपील बेअसर, कार्यवाही स्थगित

बढ़ते हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों से अपनी सीटों पर वापस जाने और सदन की कार्यवाही में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दों को उठाने के लिए सदन एक महत्वपूर्ण मंच है और इसे बाधित करना उचित नहीं है। लेकिन जब उनकी अपील का कोई असर नहीं हुआ और शोर-शराबा जारी रहा, तो उन्होंने पहले सदन की कार्यवाही को दोपहर तक के लिए और फिर दिन भर के लिए स्थगित कर दिया।

Jharkhand Politics: क्या कहते हैं पक्ष और विपक्ष?

सदन के बाहर मीडिया से बात करते हुए बीजेपी के एक वरिष्ठ विधायक ने कहा, “यह सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। न युवाओं को रोजगार मिल रहा है और न ही राज्य में कोई सुरक्षित है। जब तक सरकार इन ज्वलंत मुद्दों पर जवाब नहीं देती, हम सदन को चलने नहीं देंगे।” वहीं, सत्ता पक्ष के एक मंत्री ने विपक्ष के रवैये को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा, “बीजेपी के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वे सिर्फ हंगामा करके सदन का कीमती समय बर्बाद कर रहे हैं। वे राज्य के विकास में बाधा डालना चाहते हैं, लेकिन हम अपने काम करते रहेंगे।”

जाने आगे क्या होगा?

मानसून सत्र के पहले दिन का हंगामा यह संकेत देता है कि आने वाले दिन भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और टकराव भरे रहेंगे। विपक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि वह सरकार को आसानी से नहीं बख्शेगा। ऐसे में, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या सरकार विपक्ष को साधने में कामयाब होती है या फिर यह पूरा सत्र हंगामे की भेंट चढ़ जाएगा। इस टकराव के बीच, राज्य की जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण विधायी कार्यों के प्रभावित होने की भी आशंका है।

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