Bihar News: बिहार में 216 डिग्री कॉलेजों पर गबन का आरोप, सरकार सख्त
शिक्षा विभाग ने कॉलेजों की अनुदान राशि में गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई शुरू की

Bihar News: बिहार के 216 संबद्ध डिग्री कॉलेजों पर अपनी आंतरिक आय के गबन का गंभीर आरोप लगा है। शिक्षा विभाग ने इन कॉलेजों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इन कॉलेजों ने अपनी आय का 70 प्रतिशत हिस्सा शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन में खर्च करने के बजाय गलत तरीके से उपयोग किया। सरकार ने अब सख्त नियम बनाए हैं और अनुदान राशि पर नजर रखने के लिए नए कदम उठाए हैं। यह खबर बिहार में शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता लाने की दिशा में बड़ा कदम है।
Bihar News: क्या है गबन का मामला?
बिहार के 216 संबद्ध डिग्री कॉलेजों को सरकार हर साल अनुदान देती है। इस अनुदान में कॉलेज की आंतरिक आय का 70 प्रतिशत हिस्सा शामिल होता है, जो शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन के लिए खर्च करना होता है। लेकिन जांच में पता चला कि इन कॉलेजों ने इस राशि का गलत इस्तेमाल किया। कई कॉलेजों ने वेतन देने के बजाय पैसे को अन्य कामों में खर्च किया। शिक्षा विभाग ने इसे गंभीर गबन माना और अब इन कॉलेजों की जांच शुरू कर दी है।
सरकार का सख्त रुख और नए नियम
शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि अब अनुदान राशि का हिसाब देना अनिवार्य होगा। कॉलेजों को अपनी वेबसाइट पर वित्तीय और शैक्षणिक जानकारी अपलोड करनी होगी। अनुदान राशि को एक अलग खाते में रखना होगा, जिसका नाम “संबद्ध कॉलेजों का अनुदान” होगा। इस राशि का उपयोग केवल वेतन के लिए होगा। इसके अलावा, कॉलेजों को हर महीने उपयोगिता प्रमाण पत्र देना होगा और एक पंजीकृत अंकेक्षक से ऑडिट कराना होगा।
कॉलेजों पर क्या होगा असर?
इस कार्रवाई से बिहार के 216 कॉलेजों पर सख्ती बढ़ेगी। अगर कॉलेज नियम नहीं मानेंगे, तो उनका अनुदान रोका जा सकता है। इससे शिक्षकों और कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलने में मदद मिलेगी। यह कदम शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए उठाया गया है। स्थानीय लोग और शिक्षक इस कार्रवाई का स्वागत कर रहे हैं, लेकिन कुछ कॉलेज प्रबंधन इसे चुनौती मान रहे हैं।