Shibu Soren News: श्राद्ध कर्म में नेमरा पहुंचे बाबा रामदेव, दिशोम गुरु को लेकर बोली बड़ी बात
नेमरा में 5 लाख से अधिक लोगों के बीच श्राद्ध कार्यक्रम, हेमंत सोरेन ने निभाई पारंपरिक जिम्मेदारी

Shibu Soren News: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के श्राद्ध कर्म कार्यक्रम में शुक्रवार और शनिवार को नेमरा गांव में देशभर से VIP और नेताओं का जमावड़ा रहा। समारोह में करीब 5 लाख से ज्यादा लोगों के शामिल होने का अनुमान है। सुरक्षा के लिए 9 IPS और 40 DSP की तैनाती की गई, 5 हेलीपैड और भव्य पंडाल बनाए गए। नेमरा की सड़कों और गांव को खास तौर पर सजाया गया और सुविधा के लिए ई-रिक्शा, पार्किंग, लाइटिंग की व्यवस्था की गई।
श्राद्ध भोज में शामिल हुए बाबा रामदेव, श्रद्धांजलि में जताया सम्मान
शिबू सोरेन के संस्कार भोज में योग गुरु बाबा रामदेव विशेष अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उन्होंने गुरुजी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “शिबू सोरेन ने व्यक्तिगत जीवन से लेकर जनसेवा तक देश और समाज के लिए मिसाल कायम की। उनका संघर्ष और जनहित के प्रति समर्पण हमेशा प्रेरणास्पद रहेगा।” बाबा रामदेव ने श्राद्ध स्थल पर गुरुजी के सम्मान में पुष्पांजलि अर्पित की और सांत्वना शब्द कहे। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी, तमिलनाडु के सीएम एम.के. स्टालिन सहित कई नामी हस्तियां भी पहुंचीं।
5 लाख लोगों के लिए खास भोज, सांस्कृतिक कार्यक्रम भी
ग्राम पंचायत मुखिया और आयोजकों के अनुसार, नेमरा गांव में खाने की विशेष व्यवस्था की गई। चार भव्य पंडाल बने, रसोई घर के पास भोजन परोसा गया और अतिथियों के लिए घर की बाड़ी में अलग इंतजाम रहे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं, जिसमें गुरुजी की जीवनगाथा साझा की गई।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने निभाई पारंपरिक जिम्मेदारी
राज्य के मुख्यमंत्री और शिबू सोरेन के पुत्र हेमंत सोरेन ने पूरे विधि-विधान के साथ श्राद्ध कर्म संपन्न किया। पारंपरिक तरीके से हर कर्तव्य निभाया और परिवार की ओर से प्रत्येक अतिथि का सम्मान किया। आयोजन में गहन सुरक्षा और व्यवस्थाओं का ख्याल रखा गया।
Shibu Soren News: श्राद्ध में याद किये गये शिबू सोरेन
शिबू सोरेन के श्राद्ध कर्म में बाबा रामदेव समेत तमाम गणमान्य लोगों की उपस्थिति नेमरा गांव को ऐतिहासिक बना गई। बाबा रामदेव ने गुरुजी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका आदर्श समाज के लिए सहारा बना रहेगा। पूरे राज्य में इस श्रद्धांजलि और भोज का संदेश भावनात्मक और सामाजिक सरोकारों का प्रतीक बन गया है।