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Bihar Chunav 2025: जेडीयू का विशेष अभियान, छूटे मतदाताओं का नाम जोड़ेगी

जेडीयू का विशेष अभियान, छूटे मतदाताओं के नाम जोड़ेगी, युवा - महिलाओं पर फोकस, 4-7 अगस्त तक चलेगा

Bihar Chunav 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियां तेज हो गई हैं। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए उन लोगों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है, जिनका नाम अभी तक सूची में नहीं है। इस अभियान के लिए जेडीयू ने पूरे बिहार में खास टीमें बनाई हैं, जो चार दिन तक गांव-गांव जाकर लोगों की मदद करेंगी। पार्टी का लक्ष्य है कि हर पात्र व्यक्ति वोट डाल सके और लोकतंत्र को मजबूत कर सके।

चार दिन का खास अभियान शुरू

जेडीयू ने 4 अगस्त 2025 से शुरू हुए इस अभियान के लिए पूरे बिहार में अपनी टीमें तैनात की हैं। ये टीमें गांवों, मोहल्लों और शहरों में जाकर उन लोगों से मिलेंगी, जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है। खासकर युवाओं, महिलाओं और पहली बार वोट देने वाले लोगों पर ध्यान दिया जाएगा। जेडीयू के एक नेता ने बताया, “हम चाहते हैं कि बिहार का कोई भी पात्र व्यक्ति वोट देने से न छूटे।” यह अभियान 7 अगस्त 2025 तक चलेगा और हर जिले में एक साथ काम करेगा।

क्यों जरूरी है यह अभियान?

हाल ही में चुनाव आयोग ने मतदाता सूची की जांच की, जिसमें करीब 65 लाख लोगों के नाम हटा दिए गए। इनमें कुछ लोग मृतक थे, कुछ दूसरी जगह चले गए, और कुछ के नाम दो जगह दर्ज थे। लेकिन जेडीयू का कहना है कि इस दौरान कुछ पात्र लोगों के नाम भी गलती से हट गए। इसलिए, पार्टी ने यह जिम्मेदारी ली है कि ऐसे लोगों का नाम फिर से मतदाता सूची में जोड़ा जाए। इसके लिए टीमें लोगों को फॉर्म भरने में मदद करेंगी और ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीकों से नाम जोड़ने की प्रक्रिया पूरी करेंगी।

Bihar Chunav 2025: युवा और महिलाओं पर खास ध्यान

जेडीयू ने इस अभियान में युवा वोटरों और महिलाओं को प्राथमिकता दी है। पार्टी के एक नेता ने कहा, “हम चाहते हैं कि बिहार का हर युवा और महिला वोट डाले और लोकतंत्र में हिस्सा ले।” इसके लिए जेडीयू की टीमें स्कूलों, कॉलेजों और पंचायतों में जाकर लोगों को जागरूक करेंगी। साथ ही, फॉर्म जमा करने की प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा।

बिहार में लोकतंत्र होगा मजबूत

जेडीयू का यह अभियान न केवल मतदाता सूची को दुरुस्त करेगा, बल्कि बिहार के लोगों में लोकतंत्र के प्रति भरोसा भी बढ़ाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि इस अभियान से उनकी आवाज और मजबूत होगी। यह कदम निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।

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