
पटना। बिहार के विश्वविद्यालयों में अब रोजगार से जुड़ी पढ़ाई को बढ़ावा देने की तैयारी है। चार वर्षीय स्नातक शिक्षुता अंतर्निहित डिग्री कार्यक्रम (AEDP/AFDP) के तहत सात नए पाठ्यक्रमों को मंजूरी दी गई है। इन कोर्स में पढ़ाई के साथ संबंधित क्षेत्र में व्यावहारिक प्रशिक्षण और अप्रेंटिसशिप का अवसर मिलेगा।
राज्यपाल ने संशोधित अध्यादेश को दी मंजूरी
बिहार के राज्यपाल सह कुलाधिपति ने चार वर्षीय UG AEDP के संशोधित अध्यादेश और नियमों को मंजूरी दे दी है। राज्यपाल सचिवालय की अधिसूचना के अनुसार यह मंजूरी सितंबर 2026 के अंत से प्रभावी मानी गई है। यह व्यवस्था बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 और पटना विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 के दायरे में आने वाले उच्च शिक्षण संस्थानों पर लागू होगी।
किन 7 कोर्स की होगी पढ़ाई?
AFDP के तहत स्वीकृत सात पाठ्यक्रम अलग-अलग रोजगार क्षेत्रों से जुड़े हैं। इनमें शामिल हैं—
बीए (BA): विषयवस्तु एवं रचनात्मक लेखन
बीकॉम (B.Com): बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा (BFSI)
बीकॉम: ई-कॉमर्स ऑपरेशंस
बीकॉम: एचआर ऑपरेशंस
बीकॉम: रिटेल ऑपरेशंस
बीएससी (B.Sc): हेल्थकेयर मैनेजमेंट
बीएससी ऑनर्स: इलेक्ट्रॉनिक्स, जिसमें डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स में मेजर और सोलर फोटोवोल्टिक सिस्टम या डेटा साइंस में माइनर का विकल्प है।
पढ़ाई के साथ छात्रों को मिलेगा काम का अनुभव
इन पाठ्यक्रमों की खासियत यह है कि विद्यार्थियों को सिर्फ कक्षा में पढ़ाई तक सीमित नहीं रहना होगा। चार साल की डिग्री के दौरान संबंधित क्षेत्र में अप्रेंटिसशिप के जरिए व्यावहारिक अनुभव लेने का अवसर मिलेगा। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी के लिए जरूरी कौशल हासिल करने में मदद मिल सकती है।
विश्वविद्यालयों को पूरी करनी होगी जरूरी प्रक्रिया
हालांकि विश्वविद्यालय इन कोर्स को सीधे शुरू नहीं कर सकेंगे। संबंधित संस्थान को पहले अपने वैधानिक निकायों से जरूरी मंजूरी लेनी होगी। इसके लिए एकेडमिक काउंसिल, सिंडिकेट और सीनेट की स्वीकृति जरूरी होगी। इसके अलावा नियमों के अनुसार त्रिपक्षीय एमओयू (MoU) भी करना होगा।
पहले से दाखिला लेने वाले छात्रों पर नहीं पड़ेगा असर
अधिसूचना में पहले से दाखिला ले चुके विद्यार्थियों को लेकर भी स्थिति साफ की गई है। 27 मई 2026 की पूर्व अधिसूचना के आधार पर जिन छात्रों का प्रवेश हो चुका है, उनका दाखिला संशोधित चार वर्षीय नियमों के तहत मान्य रहेगा। नए बदलाव का उनके दाखिले पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा।



