बिहार में फिर शुरू होगी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, 15 नवंबर से किसान कर सकेंगे आवेदन
रबी 2026-27 सीजन से योजना दोबारा लागू होगी और प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर किसानों को बीमा सुरक्षा मिलेगी।

पटना। बिहार के किसानों के लिए राहत की खबर है। करीब सात साल बाद राज्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) फिर से लागू होने जा रही है। सहकारिता विभाग ने रबी 2026-27 सीजन से योजना शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है। किसानों के लिए आवेदन की प्रक्रिया 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक चलेगी। सरकार का जोर फसल नुकसान के बाद मुआवजे की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर है।
रबी सीजन से लागू होगी योजना
बिहार में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना रबी 2026-27 से दोबारा लागू की जा रही है। इसके लिए राज्य सरकार ने पहले ही तैयारी शुरू कर दी थी। 21 जुलाई 2026 को राज्य स्तरीय फसल बीमा समन्वय समिति का गठन किया गया और 31 जुलाई को इसकी पहली बैठक हुई। बैठक में फसलों, बीमा इकाई, क्लस्टर और क्षतिपूर्ति स्तर समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।
15 नवंबर से शुरू होगा आवेदन
किसानों के लिए आवेदन की अवधि 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 निर्धारित की गई है। यानी किसानों को बीमा कराने के लिए करीब दो महीने का समय मिलेगा। आवेदन की अंतिम तारीख संबंधित फसल और राज्य की अधिसूचना के अनुसार भी प्रभावित हो सकती है, इसलिए किसानों को विभाग की अंतिम अधिसूचना पर नजर रखनी होगी।
किन नुकसान में मिलेगा बीमा कवर?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश्य प्राकृतिक और दूसरे अधिसूचित जोखिमों से फसल को होने वाले नुकसान से किसानों को आर्थिक सुरक्षा देना है। इसमें सूखा, बाढ़, चक्रवात, ओलावृष्टि, कीट और रोग, जलभराव तथा बेमौसम बारिश जैसे जोखिम शामिल हो सकते हैं। कुछ परिस्थितियों में बुआई नहीं हो पाने और फसल कटाई के बाद होने वाले निर्धारित नुकसान का भी प्रावधान है। कौन-सी फसल और कौन-से जोखिम बिहार में कवर होंगे, यह राज्य की अधिसूचना में तय किया जाएगा।
किसान को कितना प्रीमियम देना होगा?
केंद्र की PMFBY व्यवस्था के तहत किसान का प्रीमियम सीमित रखा गया है। रबी फसलों के लिए अधिकतम 1.5 प्रतिशत, खरीफ फसलों के लिए 2 प्रतिशत और वाणिज्यिक/बागवानी फसलों के लिए अधिकतम 5 प्रतिशत तक किसान हिस्सा होता है। बाकी निर्धारित प्रीमियम में सरकार सब्सिडी देती है।
बीमा कंपनियों के चयन की प्रक्रिया जारी
बिहार सरकार ने योजना लागू करने के लिए बीमा कंपनियों के चयन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई है। इसके लिए निविदा प्रस्ताव भारत सरकार को वैलिडेशन के लिए भेजा जा चुका है। सरकार का लक्ष्य है कि फसल खराब होने की स्थिति में नुकसान का आकलन और किसानों को मिलने वाली क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।



