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बिहार के शिक्षकों के लिए खुशखबरी, सातवें वेतनमान पर सरकार का फैसला, कमेटी करेगी खर्च का आकलन

पटना में मांग को लेकर अनशन कर रहे शिक्षकों से शिक्षा मंत्री ने बातचीत की और जल्द समीक्षा शुरू कराने का भरोसा दिया।

पटना। बिहार के शिक्षकों के लिए सातवें वेतनमान को लेकर एक बार फिर उम्मीद बनी है। लंबे समय से इस मांग को लेकर आवाज उठा रहे शिक्षकों के प्रतिनिधियों से शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मुलाकात की है। बातचीत के दौरान मंत्री ने भरोसा दिया कि सातवें वेतनमान के मामले की समीक्षा के लिए कमेटी बनाई जाएगी। सरकार पहले यह आकलन करेगी कि इसे लागू करने पर राज्य के खजाने पर कितना अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

2 अक्टूबर से पटना में चल रहा था आंदोलन

सातवें वेतनमान की मांग को लेकर शिक्षकों ने 2 अक्टूबर से पटना के गर्दनीबाग में अनशन शुरू किया था। आंदोलन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि राज्यकर्मी का दर्जा मिलने के बाद भी उन्हें अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह सातवें वेतनमान का लाभ नहीं मिल रहा है। इससे शिक्षकों में नाराजगी है। इससे पहले भी शिक्षक संगठनों ने सोशल मीडिया अभियान के जरिए अपनी मांग सरकार तक पहुंचाई थी। शिक्षक संगठनों की मांग केवल वेतन बढ़ाने तक सीमित नहीं है। वे सातवें वेतन आयोग के अनुसार पे-मैट्रिक्स, वेतन निर्धारण और उससे जुड़े भत्तों का लाभ देने की मांग कर रहे हैं।

सरकार पहले देखेगी कितना पड़ेगा आर्थिक भार

शिक्षा मंत्री के आश्वासन के मुताबिक विभाग जल्द ही इस मामले पर समीक्षा शुरू करेगा। कमेटी के जरिए यह देखा जाएगा कि सातवां वेतनमान लागू करने पर सरकार को कितनी अतिरिक्त राशि खर्च करनी होगी। इसके बाद बजट और दूसरे वित्तीय पहलुओं पर विचार किया जाएगा। फिलहाल सातवां वेतनमान लागू करने की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं हुई है। अभी सरकार की ओर से समीक्षा और आर्थिक आकलन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

लाखों शिक्षकों पर पड़ेगा सीधा असर

विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक बिहार में करीब 5.5 लाख राज्यकर्मी शिक्षक सातवें वेतनमान की मांग से जुड़े हैं। अगर सरकार इसे लागू करने का फैसला करती है तो बड़ी संख्या में शिक्षकों के वेतन ढांचे में बदलाव हो सकता है। बिहार में शिक्षकों की नियुक्ति और वेतन व्यवस्था भी अलग-अलग चरणों में बदली है। पुराने नियमित शिक्षकों के अलावा नियोजित शिक्षक, सक्षमता परीक्षा के बाद राज्यकर्मी बने शिक्षक और बीपीएससी के जरिए नियुक्त विद्यालय अध्यापक अलग-अलग प्रक्रियाओं से इस व्यवस्था में आए हैं। इसी वजह से सातवें वेतनमान की मांग को लेकर वेतन विसंगति का मुद्दा भी लगातार उठता रहा है।

ट्रांसफर और प्रमोशन का भी दिया गया भरोसा

शिक्षा मंत्री ने बातचीत के दौरान शिक्षकों की दूसरी समस्याओं पर भी जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया। ट्रांसफर-पोस्टिंग के मामले में निर्वाचन आयोग से मार्गदर्शन मांगे जाने की बात सामने आई है। साथ ही वेतन विसंगति और प्रमोशन से जुड़े मामलों के समाधान का भी आश्वासन दिया गया है।

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