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बिहार के सरकारी अस्पतालों में 766 ड्रेसरों की पोस्टिंग, मरीजों को इलाज के दौरान मिलेगी राहत

766 ड्रेसरों की पदस्थापना से राज्य के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की ड्रेसिंग और प्राथमिक उपचार से जुड़ी सेवाओं को मजबूत करने की तैयारी है।

पटना। बिहार के सरकारी अस्पतालों में तकनीकी कर्मचारियों की कमी दूर करने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने 766 ड्रेसरों की नई पदस्थापना का आदेश जारी किया है। इन कर्मचारियों को राज्य के अलग-अलग सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात किया जाएगा। इससे अस्पतालों में मरीजों की ड्रेसिंग और प्राथमिक उपचार से जुड़े कामों के लिए स्टाफ की उपलब्धता बढ़ेगी।

अलग-अलग अस्पतालों में होगी तैनाती

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आदेश में चयनित ड्रेसरों के नाम और उनके पदस्थापन स्थल की जानकारी दी गई है। इन्हें जिला अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रेफरल अस्पताल और मेडिकल कॉलेज अस्पतालों समेत अलग-अलग स्वास्थ्य संस्थानों में जिम्मेदारी दी गई है।

BTSC की अनुशंसा के आधार पर हुई प्रक्रिया

इन पदस्थापनों की प्रक्रिया बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) की अनुशंसा के आधार पर पूरी की गई है। ड्रेसर पद के लिए आयोग ने विज्ञापन संख्या 21/2025 के तहत आवेदन मांगे थे। आयोग के आधिकारिक विज्ञापन के अनुसार इस पद के लिए मैट्रिक या समकक्ष परीक्षा पास करने के साथ मान्यता प्राप्त संस्थान से मेडिकल ड्रेसर का प्रमाणपत्र जरूरी था।

हालांकि, हालिया रिपोर्टों में पदस्थापना की संख्या को लेकर अंतर दिखाई देता है। 19 सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 792 ड्रेसरों समेत कुल 1,460 तकनीकी कर्मियों की पदस्थापना की जानकारी दी गई थी। वहीं 30 सितंबर की रिपोर्ट में 766 ड्रेसरों के लिए अलग पदस्थापना आदेश का दिया गया है। इसलिए 766 संख्या को संबंधित नए आदेश के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

अस्पतालों में तकनीकी स्टाफ बढ़ाने पर जोर

स्वास्थ्य विभाग हाल के महीनों में सरकारी अस्पतालों में मानव संसाधन बढ़ाने पर लगातार काम कर रहा है। इससे पहले भी ड्रेसरों के साथ एक्स-रे टेक्निशियन और फार्मासिस्ट की पदस्थापना की गई थी। 19 सितंबर को जारी जानकारी के अनुसार 792 ड्रेसर, 644 एक्स-रे टेक्निशियन और 24 फार्मासिस्ट को अलग-अलग सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा गया था।

मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद

नए ड्रेसरों की तैनाती से सरकारी अस्पतालों में मरीजों को ड्रेसिंग जैसी जरूरी सेवाओं के लिए अधिक स्टाफ उपलब्ध होगा। खासकर जिला, अनुमंडल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में इसका असर देखने को मिल सकता है। सरकार की ओर से अस्पतालों में जांच और उपचार की सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

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