
पटना। राजगीर जू सफारी के डायरेक्टर और बिहार कैडर के पहले IFS अधिकारी राम सुंदर एम.को तकनीक के बेहतरीन उपयोग के लिए प्रतिष्ठित ‘इको वॉरियर अवार्ड्स 2026’ के तहत ‘बेस्ट यूज ऑफ टेक्नोलॉजी’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने उन्हें सम्मानित किया। सफारी के प्रबंधन को बेहतर बनाने के साथ-साथ जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखने इस्तेमाल के लिए सम्मानित किया गया है।
टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के लिए मिला सम्मान
राजगीर जू सफारी में वन्यजीवों की सुरक्षा और निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। सफारी के प्रबंधन को बेहतर बनाने के साथ-साथ जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखने में भी तकनीक की मदद ली जा रही है। इन्हीं प्रयासों को देखते हुए डायरेक्टर को यह पुरस्कार दिया गया।
वन्यजीवों की निगरानी में तकनीक की अहम भूमिका
राजगीर जू सफारी में बड़ी संख्या में वन्यजीव मौजूद हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा और देखभाल के लिए लगातार निगरानी जरूरी है। तकनीक की मदद से वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखना आसान हुआ है। इससे सफारी प्रबंधन को किसी भी स्थिति पर तेजी से नजर रखने में मदद मिलती है।
पर्यटकों की सुविधा पर भी दिया जा रहा ध्यान
राजगीर जू सफारी में तकनीक का इस्तेमाल केवल वन्यजीवों की निगरानी तक सीमित नहीं है। पर्यटकों की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर अनुभव के लिए भी आधुनिक व्यवस्था विकसित की जा रही है। इससे सफारी में आने वाले लोगों को वन्यजीवों को करीब से समझने और उनके बारे में जानकारी हासिल करने में मदद मिलती है।
राजगीर जू सफारी के लिए भी बड़ी उपलब्धि
डायरेक्टर को मिला यह सम्मान राजगीर जू सफारी के लिए एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है। इससे यहां वन्यजीव संरक्षण और प्रबंधन के लिए किए जा रहे प्रयासों को पहचान मिली है। साथ ही, वन्यजीवों की सुरक्षा में नई तकनीक को शामिल करने की दिशा में किए जा रहे काम को भी प्रोत्साहन मिलेगा।



