Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए के सामने मगध पर कब्जे की चुनौती, समझें पूरा समीकरण
मगध की 23 सीटों पर महागठबंधन मजबूत, NDA की रणनीति, बेरोजगारी-विकास मुख्य मुद्दे

Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारी जोरों पर है। इस बार एनडीए (NDA) के सामने मगध क्षेत्र पर कब्जा जमाने की बड़ी चुनौती है। 21 अगस्त 2025 को पत्रिका ने बताया कि मगध के 23 विधानसभा सीटों पर विपक्ष मजबूत स्थिति में है। यह क्षेत्र बिहार की सियासत में महत्वपूर्ण माना जाता है। अब देखना यह है कि क्या एनडीए इस बार मगध में अपनी स्थिति मजबूत कर पाएगा।
मगध में क्यों है कड़ी टक्कर?
मगध क्षेत्र में गया, औरंगाबाद, जहानाबाद और अरवल जिले आते हैं। यहां की 23 सीटों में से 2015 और 2020 के चुनाव में RJD और महागठबंधन ने 15 से ज्यादा सीटें जीतीं। NDA को इस बार इन सीटों पर जीत के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। स्थानीय मुद्दे जैसे बेरोजगारी, सड़क और बिजली की समस्या यहां के वोटरों को प्रभावित कर रही हैं। विपक्ष ने इन मुद्दों को उठाकर NDA को घेरा है।
NDA की रणनीति क्या है?
NDA ने मगध में अपनी स्थिति सुधारने के लिए कई कदम उठाए हैं। PM मोदी ने हाल ही में गया में रैली की और विकास परियोजनाओं का ऐलान किया। BJP और JDU ने स्थानीय नेताओं को सक्रिय किया है। इसके अलावा, पूर्णिया में चौथे हवाई अड्डे का उद्घाटन भी NDA की रणनीति का हिस्सा है। लेकिन विपक्ष का कहना है कि ये कदम चुनावी स्टंट हैं और असली समस्याओं का हल नहीं हैं।
Bihar Politics: बिहार के लोगों की राय और सियासत
मगध के लोग इस बार विकास और रोजगार को बड़ा मुद्दा बना रहे हैं। कुछ लोग NDA की योजनाओं से खुश हैं, लेकिन कई वोटर विपक्ष की बातों से सहमत हैं। स्थानीय नेता कहते हैं कि अगर NDA ने बेरोजगारी और सड़क की समस्या हल नहीं की, तो जीत मुश्किल होगी। यह चुनाव मगध की 23 सीटों पर सियासत का फैसला करेगा। लोग चुनाव को लेकर उत्साहित हैं और अपने हक की लड़ाई लड़ने की तैयारी में हैं।