
पटना। जमुई में नाबालिग लड़की और उसके साथी के साथ हुई बदसलूकी के मामले में पुलिस ने अब बड़ा एक्शन लिया। मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस कार्रवाई के दौरान उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
बीते कुछ दिनों पहले का मामला है। जिसका वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर काफी गुस्सा देखने को मिला था। वीडियो में कुछ आरोपी युवक एक नाबालिग लड़की और उसके साथी के साथ बदसलूकी करते नजर आए। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान शुरू की और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी।
भागने की कोशिश के दौरान चली गोली
जानकारी के मुताबिक, पुलिस टीम मुख्य आरोपी नंदन यादव की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान मंगलवार को पुलिस के साथ उसकी मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने मौके से भागने की कोशिश की। इसी दौरान हुई फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी।
गोली लगने के बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। इस मामले में पुलिस पहले भी कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पूरे मामले की जांच के लिए SIT का भी गठन किया गया है।
कार्रवाई के बीच राजनीति भी गरम
जमुई की घटना को लेकर बिहार में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष की ओर से सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया पर एक काल्पनिक बातचीत साझा की। इसमें आरोपी के गमछे के रंग और जाति को लेकर सरकार पर तंज किया गया। इसके बाद जमुई कांड की चर्चा में अपराध के साथ-साथ जाति और गमछे का मुद्दा भी जुड़ गया। सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
आरोपी का गमछा बना राजनीतिक मुद्दा
घटना के वायरल वीडियो में आरोपी का चेहरा गमछे से ढका हुआ नजर आने की बात सामने आई थी। अब इसी गमछे के रंग को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है।



