महाराष्ट्र TET पेपर लीक का बिहार कनेक्शन: आगरा में छपा पेपर जूते में छिपाकर निकाला, बिहार में बरामद होने का दावा
महाराष्ट्र TET का मूल प्रश्नपत्र बिहार में बरामद होने के पुलिस के दावे से अंतरराज्यीय पेपर लीक नेटवर्क पर सवाल उठे हैं।

पटना: महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के पेपर लीक मामले ने अब बिहार कनेक्शन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ठाणे पुलिस की जांच के बाद दाखिल की गई करीब 3,500 पन्नों की चार्जशीट में पेपर की छपाई से लेकर उसे दूसरे राज्यों तक पहुंचाने का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, महाराष्ट्र TET का मूल प्रश्नपत्र उत्तर प्रदेश के आगरा में एक प्रिंटिंग प्रेस से बाहर निकाला गया और बाद में बिहार में एक रिश्तेदार के घर से बरामद होने का दावा किया गया है।
जूते के तलवे में छिपाकर निकाला गया पेपर
पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, महाराष्ट्र TET का प्रश्नपत्र आगरा की एक प्रिंटिंग प्रेस में छपा था। आरोप है कि प्रिंटिंग प्रेस से पेपर निकालने के लिए उसे जूते के तलवे में छिपाया गया। इस काम के बदले संबंधित लोगों को करीब 8 हजार रुपये दिए जाने की बात भी जांच में सामने आई है। जांच के अनुसार, प्रिंटिंग प्रेस से बाहर निकलने के बाद प्रश्नपत्र की कीमत बढ़ गई। इसे कथित तौर पर अभ्यर्थियों तक 80 हजार से 1 लाख रुपये तक में पहुंचाने की बात कही गई है। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में होना बाकी है।
बिहार में मिला मूल प्रश्नपत्र, जांच में सामने आया नाम
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बिजेंद्र गुप्ता को कथित नेटवर्क के अहम नामों में एक बताया है। पुलिस के दावे के अनुसार, जांच बिहार तक पहुंचने पर महाराष्ट्र TET का मूल प्रश्नपत्र बिजेंद्र गुप्ता के एक रिश्तेदार के घर से बरामद किया गया।
इस मामले में तीन राज्यों का कनेक्शन सामने आने की बात कही जा रही है। परीक्षा महाराष्ट्र में होनी थी, प्रश्नपत्र की छपाई आगरा में हुई और मूल प्रश्नपत्र बिहार में बरामद होने का दावा किया गया है। इससे पेपर लीक के कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।
18 लोगों को बनाया गया आरोपी
चार्जशीट में कुल 18 लोगों को आरोपी बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, इनमें से 16 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी थी, जबकि दो आरोपियों की तलाश जारी थी।
मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों पर असर
पेपर लीक का सबसे बड़ा असर उन विद्यार्थियों पर पड़ता है, जो महीनों तक परीक्षा की तैयारी करते हैं। कई अभ्यर्थी नौकरी के साथ पढ़ाई करते हैं, जबकि कुछ परिवार अपने बच्चों की कोचिंग और पढ़ाई पर बड़ी रकम खर्च करते हैं अगर कोई व्यक्ति पैसे देकर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र हासिल कर लेता है, तो ईमानदारी से तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए समान अवसर का सवाल उठता है। इसलिए ऐसे मामलों में जांच और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई के साथ परीक्षा व्यवस्था में भरोसा बनाए रखना भी जरूरी है।
बिहार कनेक्शन की पूरी जांच जरूरी
महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले में बिहार से मूल प्रश्नपत्र बरामद होने का पुलिस का दावा सामने आया है। हालांकि, इससे पूरे बिहार या राज्य के सभी अभ्यर्थियों को किसी कथित नेटवर्क से जोड़ना उचित नहीं होगा।



