
पटना: बिहार की राजनीति में जनता दल यूनाइटेड (JDU) को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। पार्टी की एक बैठक में केंद्रीय मंत्री और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह की गैरमौजूदगी पर विधायकों के सवाल और नेताओं के बीच जारी बयानबाजी ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या JDU के भीतर सब कुछ ठीक है या पार्टी में अलग-अलग पावर सेंटर को लेकर खींचतान शुरू हो गई है?
बैठक में ललन सिंह की गैरमौजूदगी पर सवाल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पटना में हुई JDU की बैठक के दौरान करीब 24 विधायकों ने ललन सिंह की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाया। इनमें नचिकेता मंडल, पंकज मिश्रा, रामानंद मंडल, मंजीत सिंह, शालिनी मिश्रा और मीना कामत समेत कई विधायक शामिल हैं।
रुन्नीसैदपुर के विधायक पंकज मिश्रा के अनुसार, विधायकों ने पूछा कि केंद्रीय मंत्री और पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह बैठक में क्यों शामिल नहीं हुए। बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे, इसलिए ललन सिंह की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बन गई।
हालांकि, पार्टी की ओर से यह बताया गया कि बैठक विधायकों और विधान पार्षदों के लिए आयोजित की गई थी। इसी वजह से सांसदों की उपस्थिति आवश्यक नहीं थी। इसके बावजूद इस मामले को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं।
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच बयानबाजी
JDU के भीतर चल रही चर्चाओं के बीच विधान परिषद चुनाव को लेकर अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच भी बयानबाजी सामने आई है। दोनों नेताओं के बीच जारी वाकयुद्ध को पार्टी की आंतरिक राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
पार्टी के नाम में नीतीश जोड़ने का सुझाव
कुछ दिन पहले JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा की ओर से पार्टी के नाम में ‘नीतीश’ जोड़ने का सुझाव भी चर्चा में रहा। प्रस्तावित नाम जनता दल यूनाइटेड-नीतीश बताया गया।
इस सुझाव के पीछे नीतीश कुमार की पार्टी की पहचान और राजनीतिक सफर में महत्वपूर्ण भूमिका को आधार बताया गया। हालांकि, नाम में बदलाव का सुझाव अपने आप में पार्टी के भीतर किसी विवाद का प्रमाण नहीं है।
क्या JDU में गुटबाजी है?
JDU की मौजूदा घटनाओं को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। लेकिन अभी तक ऐसा कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है, जिससे यह कहा जा सके कि पार्टी टूटने की स्थिति में है या ललन सिंह और नीतीश कुमार के बीच खुला राजनीतिक टकराव चल रहा है। पार्टी नेतृत्व की ओर से गुटबाजी और नाराजगी की चर्चाओं को खारिज किया गया है। वहीं, संजय झा ने ललन सिंह से लगातार बातचीत होने की बात कही है।



