Bihar Election 2025: तेज प्रताप के बाद सुनील, पुष्पम और लालान यादव टिकट की रेस में आगे
तेज प्रताप के बाहर होने से हसनपुर में RJD की नई रणनीति, सुनील, पुष्पम और लालान यादव टिकट की दौड़ में।

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बीच हसनपुर सीट पर सियासी हलचल तेज हो गई है। 21 अगस्त 2025 को प्रभात खबर ने बताया कि RJD से तेज प्रताप यादव को हसनपुर से निकाले जाने के बाद सुनील यादव, पुष्पम यादव और लालान यादव इस सीट पर दावेदारी में आगे हैं। यह बदलाव बिहार की सियासत में बड़ा उलटफेर ला सकता है। आइए जानते हैं पूरा मामला।
तेज प्रताप का हसनपुर से बाहर
तेज प्रताप यादव, जो RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे हैं, पहले हसनपुर सीट से विधायक थे। लेकिन पार्टी में अंदरूनी झगड़ों और उनके भाई तेजस्वी यादव से अनबन के बाद उन्हें इस सीट से हटा दिया गया। तेज प्रताप ने हाल ही में RJD छोड़कर स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में महुआ से चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। इससे हसनपुर सीट खाली हो गई, और अब नए चेहरों की दौड़ शुरू हो गई है।
सुनील, पुष्पम और लालान की दावेदारी
हसनपुर सीट पर अब सुनील यादव, पुष्पम यादव और लालान यादव आगे चल रहे हैं। सुनील यादव RJD के मजबूत कार्यकर्ता हैं और स्थानीय स्तर पर अच्छी पकड़ रखते हैं। पुष्पम यादव, जो पहले प्लुरल्स पार्टी की नेता थीं, अब RJD में शामिल हो गई हैं और हसनपुर में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही हैं। लालान यादव, जो क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय हैं, भी टिकट की दौड़ में हैं। इन तीनों के बीच टिकट के लिए कड़ा मुकाबला है। RJD नेताओं का कहना है कि हसनपुर की जनता की राय को देखते हुए फैसला होगा।
सियासत में बदलाव का असर
तेज प्रताप के हसनपुर से बाहर होने से RJD की रणनीति पर असर पड़ा है। हसनपुर एक प्रभावशाली सीट है, जहां यादव और पिछड़ी जातियों का वोट ज्यादा है। सुनील यादव का स्थानीय समर्थन और पुष्पम की नई ऊर्जा पार्टी को फायदा दे सकती है। लेकिन लालान यादव के पुराने अनुभव को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। दूसरी ओर, NDA इस सीट पर BJP और JDU के संयुक्त उम्मीदवार को उतारने की तैयारी में है। यह मुकाबला बिहार चुनाव में दिलचस्प होगा।
Bihar Election 2025: लोगों की राय और उम्मीदें
हसनपुर के लोग इस बदलाव को लेकर चर्चा कर रहे हैं। स्थानीय वोटर चाहते हैं कि नया उम्मीदवार उनके क्षेत्र की समस्याओं, जैसे सड़क, बिजली और पानी, का हल निकाले। कुछ लोग सुनील यादव को पसंद कर रहे हैं, तो कुछ पुष्पम की नई सोच को समर्थन दे रहे हैं। यह सीट RJD और NDA दोनों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है। चुनाव से पहले यह दौड़ और रोमांचक होने वाली है।