Bihar Politics: जन सुराज पार्टी ने बनाया ऑटो और ई-रिक्शा चालक यूनियन, बिहार की राजनीति में नया कदम
पटना से शुरू हुई यूनियन, चालकों के हकों व समस्याओं के समाधान के लिए जुटी पार्टी

Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले जन सुराज पार्टी ने बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने पटना में ऑटो और ई-रिक्शा चालक यूनियन बनाया है। इस यूनियन का मकसद चालकों की समस्याओं को उठाना और उनके हक के लिए लड़ना है। यह कदम बिहार की सियासत में नई हलचल ला सकता है। जन सुराज के इस प्रयास से चालकों में उत्साह है।
यूनियन का गठन और उद्देश्य
जन सुराज पार्टी ने ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को एकजुट करने के लिए यह यूनियन बनाई है। इसका उद्देश्य चालकों की कमाई बढ़ाना, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और काम की बेहतर सुविधाएं देना है। पार्टी ने यूनियन के लिए एक कमेटी बनाई है, जो चालकों की समस्याएं सरकार तक पहुंचाएगी। यूनियन में शामिल होने के लिए कोई शुल्क नहीं है, और हजारों चालक इसमें शामिल हो चुके हैं। यह यूनियन पटना से शुरू होकर पूरे बिहार में फैलेगी।
चालकों की समस्याएं और समाधान
ऑटो और ई-रिक्शा चालक रोजाना कई समस्याओं का सामना करते हैं। इनमें कम किराया, पुलिस की सख्ती, और रूट परमिट की दिक्कतें शामिल हैं। जन सुराज पार्टी ने वादा किया है कि वे सरकार से बात करके इन समस्याओं का हल निकालेंगे। पार्टी के नेता प्रशांत किशोर ने कहा, “चालक बिहार की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। हम उनके लिए काम करेंगे।” इस यूनियन से चालकों को उम्मीद है कि उनकी आवाज अब सुनी जाएगी।
Bihar Politics: बिहार की सियासत में नया मोड़
यह यूनियन जन सुराज पार्टी की रणनीति का हिस्सा है। बिहार में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की संख्या लाखों में है, और ये लोग वोटरों का बड़ा हिस्सा हैं। इस यूनियन के जरिए जन सुराज चालकों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। लोग इसे चुनावी रणनीति के तौर पर भी देख रहे हैं। इस कदम से बिहार की सियासत में नया जोश आ गया है। चालक इस पहल से खुश हैं और चाहते हैं कि उनकी जिंदगी बेहतर हो।