बिहारस्वास्थ्य

बिहार के सरकारी अस्पतालों में सफाई निगरानी सख्त, फोटो से होगी सफाई जांच, रोज बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड

अस्पतालों की स्वच्छता व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए सफाई के बाद फोटो और रिपोर्ट के जरिए नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा

पटना। बिहार के सरकारी अस्पतालों में साफ-सफाई को लेकर अब सिर्फ रजिस्टर या मौखिक रिपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय फोटो और डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से निगरानी की जाएगी। अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों में सफाई के बाद उसकी तस्वीरें और रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों तक भेजी जाएंगी। इसका उद्देश्य अस्पतालों में स्वच्छता व्यवस्था को नियमित और जवाबदेह बनाना है।

सफाई की फोटो भेजना होगा जरूरी

नई व्यवस्था में अस्पतालों की सफाई के बाद उसकी फोटो लेकर रिपोर्ट साझा करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे अधिकारियों को यह पता लगाने में आसानी होगी कि किस अस्पताल में नियमित सफाई हो रही है और कहां लापरवाही बरती जा रही है। सुपौल के वीरपुर अनुमंडलीय अस्पताल में इस तरह की व्यवस्था का असर भी सामने आया है। वहां वार्ड, ओपीडी, प्रसव कक्ष, ऑपरेशन थिएटर और गलियारों की सफाई की तस्वीरें प्रतिदिन रिपोर्ट के साथ भेजने का निर्देश दिया गया। स्थानीय स्तर पर नियमित निगरानी के बाद अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार दर्ज किया गया।

अस्पताल के प्रमुख हिस्सों पर रहेगी नजर

सफाई की निगरानी सिर्फ मुख्य भवन तक सीमित नहीं रहेगी। मरीजों के वार्ड, ओपीडी, प्रसव कक्ष, ऑपरेशन थिएटर, गलियारे और अन्य प्रमुख स्थानों की स्थिति पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसका मकसद मरीजों और उनके परिजनों को साफ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। बिहार स्वास्थ्य विभाग पहले से ही अस्पतालों की गुणवत्ता जांच में स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं को महत्वपूर्ण मानता है। राज्य के क्वालिटी एश्योरेंस कार्यक्रम में भी अस्पतालों की लगातार निगरानी और तय मानकों के आधार पर मूल्यांकन का प्रावधान है।

डिजिटल निगरानी का दायरा बढ़ रहा

बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाने की प्रक्रिया पहले से चल रही है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों के डिजिटल पंजीकरण, इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड और ऑनलाइन मॉनिटरिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों की सेवाओं की निगरानी के लिए डिजिटल सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश भी दिए हैं।स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने भी सरकारी अस्पतालों में निगरानी बढ़ाने के लिए कैमरे और सॉफ्टवेयर आधारित मॉनिटरिंग की बात कही है। इससे अस्पतालों में कर्मचारियों की मौजूदगी और कामकाज की जानकारी को डिजिटल तरीके से ट्रैक करने की योजना है।

लापरवाही पर कार्रवाई की तैयारी

सफाई व्यवस्था की फोटो और डिजिटल रिपोर्ट से जिम्मेदारी तय करना आसान होगा। यदि किसी अस्पताल में लगातार सफाई में कमी मिलती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से जवाब मांगा जा सकता है। सासाराम सदर अस्पताल में भी सफाई व्यवस्था की नियमित रिपोर्ट साझा करने और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

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