बिहार में 1 नवंबर से शुरू होगी धान की सरकारी खरीद, जानिए किसानों को कितना मिलेगा भाव
खरीफ विपणन मौसम 2026-27 में सामान्य धान के लिए 2,441 और ए-ग्रेड धान के लिए 2,461 रुपये प्रति क्विंटल का एमएसपी तय किया गया है।

पटना। बिहार में धान की सरकारी खरीद 1 नवंबर 2026 से शुरू होकर 31 मार्च 2027 तक चलेगी। राज्य में इस बार सामान्य धान की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 2,441 रुपये प्रति क्विंटल की दर से होगी। वहीं, ए-ग्रेड धान के लिए किसानों को 2,461 रुपये प्रति क्विंटल मिलेंगे। केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन मौसम 2026-27 के लिए ये MSP तय किए हैं।
पिछले साल से 72 रुपये ज्यादा मिलेगा
धान की सरकारी खरीद के भाव में इस साल बढ़ोतरी हुई है। 2025-26 में सामान्य धान का MSP 2,369 रुपये प्रति क्विंटल था। इस बार यह बढ़कर 2,441 रुपये हो गया है। यानी किसानों को पिछले साल के मुकाबले 72 रुपये प्रति क्विंटल ज्यादा मिलेंगे। इसी तरह ए-ग्रेड धान का भाव भी 2,389 रुपये से बढ़कर 2,461 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है।
सरकार ने खरीद के लिए 35 लाख टन का लक्ष्य रखा
केंद्र ने बिहार के लिए 2026-27 में धान खरीद का लक्ष्य फिलहाल 35 लाख मीट्रिक टन तय किया है। हालांकि बिहार सरकार इससे संतुष्ट नहीं है। राज्य के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने केंद्र से लक्ष्य बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन करने की मांग की है।
राज्य सरकार का कहना है कि बिहार में धान की खरीद की क्षमता बढ़ी है। 2025-26 में केंद्र की ओर से दिए गए 36.85 लाख टन के लक्ष्य के मुकाबले राज्य ने करीब 36.79 लाख टन धान खरीदा था। यह निर्धारित लक्ष्य का लगभग 99.84 प्रतिशत था।
50 लाख टन खरीद की क्यों हो रही मांग?
बिहार सरकार के अनुसार राज्य में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (NFSA) के तहत हर साल करीब 33.16 लाख टन चावल की जरूरत होती है। इतनी मात्रा में चावल तैयार करने के लिए लगभग 48.87 लाख टन धान की जरूरत पड़ती है। इसी आधार पर राज्य ने धान खरीद का लक्ष्य 50 लाख टन करने की मांग की है। सरकार का तर्क है कि लक्ष्य बढ़ने से अधिक किसानों को MSP पर अपनी उपज बेचने का मौका मिलेगा और दूसरे राज्यों से चावल मंगाने की जरूरत भी कम हो सकती है।
किसानों के लिए जरूरी है रजिस्ट्रेशन
सरकारी खरीद का लाभ लेने के लिए किसानों का कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी है। बिहार सहकारिता विभाग के अनुसार धान की खरीद पंचायत स्तर पर पैक्स और प्रखंड स्तर पर व्यापार मंडलों के माध्यम से की जाती है। विभाग की व्यवस्था के तहत खरीदे गए धान का भुगतान किसान के बैंक खाते में किया जाता है।
31 मार्च 2027 तक चलेगी खरीद
धान खरीद की पूरी प्रक्रिया 1 नवंबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रस्तावित है। अब किसानों की नजर खरीद केंद्रों की व्यवस्था, रजिस्ट्रेशन और स्थानीय स्तर पर खरीद शुरू होने पर रहेगी। वहीं, बिहार सरकार की 50 लाख टन के बढ़े हुए लक्ष्य की मांग पर केंद्र के फैसले का भी इंतजार है।



