
पटना। बिहार के खान एवं भूतत्व विभाग ने खनन व्यवस्था को लेकर समीक्षा तेज कर दी है। पटना में मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी की अध्यक्षता में विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। इसमें खनन कार्यों की प्रगति, राजस्व वसूली, अवैध खनन पर कार्रवाई और लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में विभागीय अधिकारियों के अलावा संबंधित जिलों के पदाधिकारी भी शामिल हुए।
अधिकारियों को राजस्व बढ़ाने के निर्देश
बैठक में विभाग के राजस्व संग्रह को लेकर भी आंकड़े सामने रखे गए। मंत्री के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग को 725 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था। वहीं 31 अगस्त 2026 तक 984 करोड़ रुपये राजस्व मिले थे। पिछले वर्ष की तुलना में यह 259.94 करोड़ रुपये अधिक है और राजस्व में 35.85 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।अधिकारियों को राजस्व वसूली की निगरानी मजबूत करने और जहां कमी है, वहां तेजी से सुधार करने को कहा गया। इससे पहले भी विभागीय समीक्षा बैठकों में लक्ष्य से पीछे चल रहे जिलों के अधिकारियों को समय पर राजस्व लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया गया था।
अवैध खनन पर और कसेगा शिकंजा
बैठक में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर कार्रवाई को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 में अवैध खनन के मामलों में 2,425 वाहन जब्त किए गए और 233 लोगों की गिरफ्तारी हुई। इस कार्रवाई से करीब 35.78 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। 2026-27 में अब तक 3,043 वाहन जब्त किए गए, जबकि 316 लोगों की गिरफ्तारी और करीब 42.01 करोड़ रुपये की दंड वसूली की जानकारी दी गई है।
15 अक्टूबर के बाद फिर शुरू हो सकता है बालू खनन
बिहार में मानसून अवधि के दौरान 15 जून से 15 अक्टूबर तक बालू घाटों से खनन बंद रखने का विभागीय प्रावधान है। विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी इस अवधि में बालू खनन बंद रहने संबंधी आदेश दिया गया है। मंत्री प्रमोद कुमार ने बताया था कि 15 अक्टूबर के बाद राज्य में बालू खनन दोबारा शुरू किया जाएगा। जिन बालू घाटों की पांच साल की अवधि पूरी हो चुकी है, उनकी नए सिरे से नीलामी की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।



