
पटना। बिहार में रेलवे फाटकों पर लगने वाले लंबे जाम से लोगों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। समस्तीपुर रेल मंडल के तहत बिहार के 10 जिलों में 37 रोड ओवरब्रिज (ROB) बनाने की परियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया है। इनमें 36 स्थानों पर रोड ओवरब्रिज और एक जगह सीमित ऊंचाई वाले भूमिगत मार्ग का निर्माण प्रस्तावित है। परियोजना के लिए 28 सितंबर को आधिकारिक गजट भी प्रकाशित किया गया है और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज की गई है।
दरभंगा में सबसे ज्यादा 9 आरओबी
37 परियोजनाओं में सबसे ज्यादा फायदा दरभंगा जिले को मिलने वाला है। यहां 9 आरओबी बनाए जाने हैं। इसके बाद सहरसा में 6, सीतामढ़ी में 5 और सुपौल में 4 आरओबी प्रस्तावित हैं। मधुबनी, पूर्णिया और समस्तीपुर में 3-3, खगड़िया में 2 तथा बेगूसराय और पश्चिम चंपारण में 1-1 आरओबी की योजना है।
इन 10 जिलों में होगा निर्माण
परियोजना में बेगूसराय, पश्चिम चंपारण, दरभंगा, खगड़िया, मधुबनी, पूर्णिया, सहरसा, समस्तीपुर, सीतामढ़ी और सुपौल शामिल हैं। इन जिलों के कई व्यस्त रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी बनने से ट्रेन गुजरने के दौरान सड़क पर वाहनों की कतार लगने की समस्या कम होने की उम्मीद है।
समस्तीपुर में तीन जगह बनेगा ROB
समस्तीपुर जिले में हसनपुर रोड रेलवे यार्ड के फाटक संख्या 11बी, रुसेरा घाट रेलवे यार्ड के फाटक संख्या 17 और किशनपुर रेलवे यार्ड के फाटक संख्या 5 पर आरओबी प्रस्तावित है।
सहरसा और सीतामढ़ी को भी बड़ा फायदा
सहरसा में 6 आरओबी बनाए जाने हैं। इनमें सिमरी बख्तियारपुर, सोनबरसा कचहरी और पंचगछिया से जुड़े रेलखंड शामिल हैं। वहीं सीतामढ़ी में 5 परियोजनाएं हैं, जिनमें रीगा, ढेंग और डुमरा रेलवे यार्ड से जुड़े स्थान शामिल हैं।
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज
विशेष रेल परियोजना घोषित होने के बाद संबंधित जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए जिम्मेदारी दी गई है। इससे परियोजनाओं के निर्माण की दिशा में अगला काम तेजी से होने की उम्मीद है।
पहले भी 78 आरओबी को मिल चुकी है मंजूरी
बिहार में रेलवे फाटकों को खत्म करने की बड़ी योजना पहले से चल रही है। अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में रेलवे बोर्ड ने 78 आरओबी परियोजनाओं को मंजूरी दी थी। इसके अलावा राज्य सरकार ने 141 अन्य स्थानों पर आरओबी निर्माण का प्रस्ताव रेलवे को भेजा था।



