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Uttarkashi Cloudburst: उत्तरकाशी में बादल फटने से भारी तबाही, धराली गांव में बाढ़ ने मचाया कोहराम

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में बादल फटने से आई बाढ़, 4 लोगों की मौत, कई लापता।

Uttarkashi Cloudburst: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में धराली गांव के पास हर्षिल में बादल फटने से भयानक बाढ़ आ गई। इस प्राकृतिक आपदा ने धराली गांव में भारी नुकसान पहुंचाया है। खीर गंगा नदी में अचानक पानी का स्तर बढ़ने से कई घर, दुकानें और सड़कें बह गईं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस बाढ़ में 20 से 25 होटल और होमस्टे पूरी तरह तबाह हो गए हैं। साथ ही, 10 से 12 मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है।

Uttarkashi Cloudburst: बचाव कार्य तेजी से शुरू

बादल फटने की सूचना मिलते ही उत्तरकाशी पुलिस, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF), नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), और सेना की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किए गए हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना को दुखद बताते हुए कहा कि सभी टीमें दिन-रात लोगों को बचाने में जुटी हैं। उन्होंने अधिकारियों से लगातार संपर्क में रहकर स्थिति पर नजर रखने की बात कही।

भारी बारिश का अलर्ट जारी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तराखंड में 10 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। खासकर पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। इस वजह से लोगों को नदियों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। उत्तरकाशी पुलिस ने भी सोशल मीडिया पर लोगों से नदियों से उचित दूरी बनाए रखने की अपील की है।

धराली गांव में भयावह स्थिति

धराली गांव, जो गंगोत्री धाम के रास्ते में एक प्रमुख पड़ाव है, वहां बाढ़ ने भयानक रूप ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पानी के तेज बहाव ने घरों, दुकानों और होटलों को मलबे में बदल दिया। एक स्थानीय निवासी राजेश पंवार ने बताया कि बाढ़ ने गांव को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। कई लोग अभी भी लापता हैं, और मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए टीमें दिन-रात काम कर रही हैं।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

इस आपदा के बाद प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने को कहा है। नदियों के किनारे न जाने और बच्चों व पशुओं को भी सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। हर्षिल और भटवारी से अतिरिक्त बचाव दल मौके पर भेजे गए हैं।

नुकसान का आकलन जारी

जिला मजिस्ट्रेट प्रशांत आर्य ने बताया कि अभी नुकसान का सटीक आकलन नहीं हो सका है। चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका है। सड़कें और संपर्क मार्ग अवरुद्ध होने से बचाव कार्यों में मुश्किल हो रही है।

उत्तराखंड में बारिश से संबंधित ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, और प्रशासन अब और सतर्कता बरत रहा है। लोगों से अपील है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और सुरक्षित रहें।

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