बिहार के गांवों में बनेगा RuTAGe Smart Village Center, 10 गांवों के 1,000 परिवारों को मिलेगा रोजगार का मौका
नाबार्ड ने राज्य सरकार को सौंपा प्रस्ताव, ग्रामीण विकास और रोजगार पर रहेगा फोकस

पटना। बिहार के गांवों में रोजगार और तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल की तैयारी है। ग्रामीण इलाकों में RuTAGe Smart Village Center यानी स्मार्ट विलेज सेंटर विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसका मकसद गांवों तक ऐसी तकनीक पहुंचाना है, जिसका इस्तेमाल स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के लिए किया जा सके।
यह प्रस्ताव नाबार्ड (NABARD) की ओर से राज्य सरकार को दिया गया है। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए रास्ते तैयार करने पर जोर दिया गया है। खास बात यह है कि इस सेंटर के जरिए ग्रामीण लोगों को तकनीक के लिए बड़े शहरों पर निर्भर रहने की जरूरत कम हो सकती है।
10 गांवों के 1,000 परिवार होंगे कवर
प्रस्ताव के मुताबिक, एक RuTAGe Smart Village Center के दायरे में करीब 10 गांवों के 1,000 परिवारों को शामिल किया जाएगा। इसके लिए लगभग 1,000 वर्ग फीट क्षेत्र में तकनीकी केंद्र विकसित करने की योजना है। यह सेंटर ग्रामीण जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। यहां स्थानीय लोगों को तकनीकी जानकारी, काम से जुड़ी सुविधाएं और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा सकता है।
सस्ती तकनीक गांवों तक पहुंचाने की तैयारी
RuTAGe Smart Village Center की योजना में सस्ती और उपयोगी तकनीक को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने पर भी जोर है। इसका उद्देश्य ऐसी तकनीक को बढ़ावा देना है, जिसे गांव के लोग आसानी से अपना सकें और उससे अपनी आय बढ़ाने की कोशिश कर सकें।
ग्रामीण विकास को मिल सकता है नया आधार
नाबार्ड के इस प्रस्ताव को ग्रामीण विकास, रोजगार और तकनीकी पहुंच को एक साथ जोड़ने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है और योजना जमीन पर लागू होती है, तो इससे गांवों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए विकल्प तैयार हो सकते हैं। फिलहाल यह योजना प्रस्ताव के स्तर पर है। इसके आगे की प्रक्रिया और सेंटरों को लेकर विस्तृत जानकारी राज्य सरकार की मंजूरी और योजना के क्रियान्वयन के बाद सामने आएगी।


