
पटना: बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ी परियोजना की शुरुआत हुई है। राज्य सरकार ने बक्सर-भागलपुर 6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को मंजूरी दी है। 336 किलोमीटर लंबी इस सड़क परियोजना से दक्षिण बिहार के 13 जिलों को जोड़ा जाएगा। इससे लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। जहां अभी बक्सर से भागलपुर का सफर तय करने में 10 से 12 घंटे लगते हैं, वहीं एक्सप्रेस- वे बनने से केवल 4 से 5 घंटे लगेंगे।
336 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेस-वे
बिहार कैबिनेट की बैठक में बक्सर से भागलपुर के बीच 336 किलोमीटर लंबे 6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह मार्ग पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल्ड बनाया जाएगा। इसका मतलब है कि एक्सप्रेस-वे पर वाहनों के प्रवेश और निकास के लिए निर्धारित स्थान होंगे। इससे यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
13 जिलों के बीच मजबूत होगा सड़क संपर्क
एक्सप्रेस-वे बिहार के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों को जोड़ने का काम करेगा। जानकारी के अनुसार 13 जिलों से होकर एक्सप्रेस- वे गुजरेगा। बक्सर, भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, गया, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, नवादा, जमुई, मुंगेर, बांका, भागलपुर जिलों से जोड़ा जाएगा। इससे सफर आसान और कम समय में यानि 10 से 12 घंटे के बजाय 4 से 5 घंटे में पूरा हो सकेगा।
पीपीपी मॉडल पर होगा निर्माण
बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेस-वे को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। परियोजना को बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BSRDCL) के जरिए से आगे बढ़ाया जाएगा। एक्सेस कंट्रोल्ड इस एक्सप्रेस-वे को करीब 3,700 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से निर्माण किया जाएगा।
व्यापार और रोजगार को मिल सकता है बढ़ावा
एक्सप्रेस-वे के निर्माण से केवल सफर आसान होने की उम्मीद नहीं है, बल्कि इसके आसपास आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। सड़क के आसपास बड़े भूखंडों को व्यावसायिक और आर्थिक गतिविधियों के लिए विकसित करने की योजना बनाई गई है। बेहतर कनेक्टिविटी से माल ढुलाई, स्थानीय कारोबार और बाजारों तक पहुंच में सुविधा मिल सकती है।


