
पटना। बिहार सरकार की मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना (MM-JAY) उन पात्र परिवारों के लिए शुरू की गई है, जो किसी कारण से आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के दायरे में नहीं आ पाए थे। योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर दिया जाता है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को गंभीर बीमारी के इलाज के खर्च से राहत देना है।
करीब 58 लाख राशन कार्डधारी परिवारों को जोड़ा जाएगा
बिहार में योजना की शुरुआत सितंबर 2024 में हुई थी। सरकार की ओर से बताया गया था कि करीब 58 लाख राशन कार्डधारी परिवार, जो आयुष्मान भारत योजना से बाहर रह गए थे, उन्हें मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कवर किया जाएगा। दोनों योजनाओं को मिलाकर राज्य की बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सुरक्षा देने का लक्ष्य रखा गया है।
5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज
योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि पात्र लाभार्थी को सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज के लिए 5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर मिल सकता है। यानी पात्रता और पैकेज के दायरे में आने वाले इलाज के लिए मरीज को इलाज के समय बड़ी रकम अपनी जेब से खर्च नहीं करनी पड़ती।
किन लोगों को मिल सकता है फायदा?
मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना मुख्य रूप से ऐसे खाद्य सुरक्षा अधिनियम के पात्र परिवारों को कवर करती है, जो प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थी नहीं हैं। इसलिए लाभ लेने के लिए सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि परिवार योजना के पात्र लाभार्थी डेटाबेस में शामिल है या नहीं।
आयुष्मान कार्ड बनवाना जरूरी
योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों का कार्ड बनाया जाता है। बिहार में समय-समय पर पंचायत, राशन की दुकानों और अन्य स्थानों पर विशेष कैंप लगाकर आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। 2026 में भी विभिन्न जिलों में मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कार्ड बनाने के लिए विशेष अभियान आयोजित किए गए हैं।
बिहार में योजना का दायरा
बिहार के 2026-27 के स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत करीब 1.69 करोड़ परिवारों के 4.12 करोड़ पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।



