मशाल-2026 से बिहार में खेल प्रतिभाओं की होगी पहचान, स्कूल स्तर से शुरू हुआ अभियान
36 हजार स्कूलों के करीब 16 लाख बच्चों को जोड़ने की तैयारी, चयन प्रक्रिया राज्य स्तर तक जाएगी

पटना। बिहार में स्कूली बच्चों की खेल प्रतिभा को पहचानने के लिए ‘मशाल-2026’अभियान आज से शुरू किया गया है। यह इस कार्यक्रम का दूसरा संस्करण है। जानकारी के मुताबिक अभियान में राज्य के करीब 36 हजार स्कूलों के लगभग 16 लाख बच्चों को जोड़ने की तैयारी है। इसका उद्देश्य गांव और स्कूल स्तर पर छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाकर उन्हें आगे की प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण का मौका देना है।
स्कूल से राज्य स्तर तक होगा चयन
मशाल कार्यक्रम की खास बात इसकी चरणबद्ध चयन प्रक्रिया है। प्रतिभागियों को पहले विद्यालय स्तर पर मौका मिलेगा। इसके बाद चयनित बच्चे क्लस्टर रिसोर्स सेंटर (CRC), प्रखंड, जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में आगे बढ़ेंगे। राज्य स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार और बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।
पांच प्रमुख खेलों में परखी जाएगी क्षमता
अभियान के तहत बच्चों की प्रतिभा को मुख्य रूप से एथलेटिक्स, साइकिलिंग, कबड्डी, फुटबॉल और वॉलीबॉल में परखा जाएगा। अलग-अलग खेलों के लिए आयु वर्ग और स्पर्धाएं तय की गई हैं। एथलेटिक्स में दौड़ और लंबी कूद जैसी प्रतियोगिताएं शामिल हैं, जबकि साइकिलिंग में 3 और 5 किलोमीटर की स्पर्धा रखी गई है।
अंडर-14 और अंडर-16 खिलाड़ियों पर फोकस
मशाल अभियान में मुख्य रूप से अंडर-14 और अंडर-16 आयु वर्ग के स्कूली बच्चों को अवसर दिया जा रहा है। मुजफ्फरपुर में जारी कार्यक्रम की जानकारी के अनुसार सरकारी मध्य और उच्च विद्यालयों के विद्यार्थियों को इसमें शामिल किया जाना है। एक विद्यार्थी को एक ही खेल में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
बैटरी टेस्ट से जुटाया जाएगा खिलाड़ियों का डेटा
सिर्फ प्रतियोगिता में प्रदर्शन ही नहीं, बच्चों की शारीरिक क्षमता का भी आकलन किया जाएगा। इसके लिए बैटरी टेस्ट कराया जाएगा। इसमें ऊंचाई, वजन, दौड़, कूद और दूसरी शारीरिक क्षमताओं से जुड़े मानकों को दर्ज किया जाता है। शिक्षकों को इसके लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति का लाभ
राज्य स्तर पर चयनित खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के अनुसार राज्य स्तर पर चुने गए खिलाड़ियों को प्रेरणा छात्रवृत्ति योजना के तहत 3 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है। बेहतर खिलाड़ियों को आगे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी से जोड़ने की योजना है।
खेल प्रतिभा पहचान में तकनीक का भी इस्तेमाल
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण और IIT मद्रास के बीच हाल में हुए समझौते के तहत मशाल कार्यक्रम से जुटाए गए खिलाड़ियों के आंकड़ों का वैज्ञानिक विश्लेषण भी किया जाएगा। इसमें AI और खेल विज्ञान की मदद से खिलाड़ियों की क्षमताओं को समझने की कोशिश होगी। इससे भविष्य में प्रशिक्षण और प्रतिभा चयन की प्रक्रिया को ज्यादा डेटा आधारित बनाने की योजना है।



