
पटना: बिहार सरकार गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना चला रही है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को बेटी की शादी के समय आर्थिक मदद दी जाती है। सरकार की ओर से लाभार्थी कन्या के बैंक खाते में 5 हजार रुपए की एकमुश्त राशि भेजी जाती है। इस सहायता का मकसद शादी के खर्च में परिवार को कुछ राहत देना है।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का लाभ मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर और बीपीएल परिवारों को दिया जाता है। सरकार का मानना है कि शादी के समय मिलने वाली आर्थिक सहायता से गरीब परिवारों पर पड़ने वाला खर्च का बोझ कुछ कम होगा। साथ ही, योजना के जरिए बेटियों की शादी सही उम्र में करने के लिए भी लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
बेटी के खाते में सीधे आएंगे पैसे
इस योजना की खास बात यह है कि स्वीकृत होने के बाद ₹5,000 की राशि सीधे बेटियों के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है। पैसा किसी दूसरे व्यक्ति या अभिभावक के खाते में नहीं भेजे जाएंगे है।
योजना के तहत सहायता विवाह संपन्न होने के बाद दी जाती है, इसलिए आवेदन के साथ विवाह से संबंधित प्रमाण देना जरूरी होता है। विभाग की ओर से आवेदन की जांच के बाद पात्र पाए जाने पर राशि जारी की जाती है।
ये परिवार कर सकते हैं आवेदन
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें रखी गई हैं। आवेदक परिवार का बिहार का मूल निवासी होना चाहिए। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर या बीपीएल श्रेणी में होना जरूरी है। इसके अलावा परिवार की सालाना आय ₹60,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए। आय की पुष्टि के लिए आय प्रमाण पत्र की जरूरत होगी। विवाह करने वाली लड़की की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। आवेदन के समय विवाह का प्रमाण पत्र भी देना होगा। इन सभी शर्तों को पूरा करने वाले परिवार योजना का लाभ ले सकते हैं।
21 दिनों में होगा आवेदन का निपटारा
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के लिए आवेदन RTPS के माध्यम से जमा किया जाता है। आवेदन मिलने के बाद संबंधित स्तर पर दस्तावेजों और पात्रता की जांच की जाती है। विभाग के अनुसार आवेदन के निपटारे के लिए 21 दिनों की समय-सीमा तय है। लाभार्थी अपने भुगतान की स्थिति समाज कल्याण विभाग के DBT पोर्टल ई-सुविधा के जरिय से देख सकते हैं।



