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बिहार में अब कैदी संभालेंगे पेट्रोल पंप! जेलों की खाली जमीन पर खुलेंगे पेट्रोल-डीजल स्टेशन, मिलेगा काम का पैसा

बिहार की जेलों में खुलेंगे आधुनिक पेट्रोल पंप, कारा पेट्रोलियम नियमावली 2026 को मंजूरी मिली 

पटना: बिहार सरकार ने जेलों की खाली पड़ी जमीन का इस्तेमाल करने और कैदियों को रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य की जेलों में आधुनिक पेट्रोल पंप खोलने की योजना के लिए ‘कारा पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट परिचालन नियमावली-2026’ को मंजूरी दे दी गई है। इस योजना के तहत जेल परिसर की खाली जमीन पर पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट स्थापित किया जाएगा।

जेल परिसर में खाली पड़ी जमीन का इस्तेमाल पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिए किया जाएगा। इससे अनुपयोगी जमीन का व्यावसायिक इस्तेमाल करने की योजना है। पेट्रोल पंपों की स्थापना और संचालन के लिए पेट्रोलियम कंपनियों का चयन नामांकन के आधार पर किया जाएगा। सुधार प्रक्रिया में शामिल और उपयुक्त कैदियों को पेट्रोल पंप के संचालन से जुड़े काम में लगाया जाएगा। इसका उद्देश्य उन्हें काम का अनुभव देना और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है।

चार जेलों में पेट्रोल पंप की मंजूरी

जानकारी के मुताबिक, इस योजना के तहत कुछ जेलों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। बक्सर और भागलपुर की केंद्रीय जेलों की खाली जमीन पर हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) के पेट्रोल पंप स्थापित और संचालित करने की स्वीकृति दी गई है। वहीं पूर्णिया केंद्रीय कारा और मुजफ्फरपुर स्थित शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) के पेट्रोल पंप की मंजूरी दी गई है।

बक्सर जेल में रोजगार की तैयारी

बक्सर केंद्रीय कारा करीब 80 एकड़ में फैला हुआ है। इसकी मुख्य सड़क से सटे दक्षिणी हिस्से में खाली जमीन को पेट्रोल पंप के लिए उपयुक्त बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, HPCL के अधिकारियों ने जेल परिसर का स्थल निरीक्षण भी किया है। प्रस्तावित योजना में मुक्त कारागार के बंदियों को नियमित रोजगार से जोड़ा जाएगा।

कैदियों के पुनर्वास पर जोर

इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य कैदियों को काम का अनुभव देना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जुड़ने में मदद करना है। रोजगार के माध्यम से बंदियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल सकता है। जेल की खाली जमीन का उपयोग और कैदियों को काम से जोड़ने की यह योजना आगे चलकर अन्य काराओं में भी लागू की जा सकती है।

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