पटना में गंगा का रौद्र रूप, खतरे के निशान से 1.76 मीटर ऊपर पानी; दियारा से शहर तक बढ़ी चिंता
खतरे के निशान के करीब पहुंचा गंगा का पानी, अलर्ट मोड में प्रशासन

पटना: राजधानी पटना में गंगा का जलस्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है। नदी कई प्रमुख घाटों पर खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है और इसका सबसे ज्यादा असर दियारा और निचले इलाकों में दिखाई दे रहा है। कई जगह घरों में पानी घुस गया है, संपर्क सड़कें डूब गई है। बिहार के बाढ़ नियंत्रण केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, दीघा घाट में गंगा का जलस्तर 51.68 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 50.45 मीटर है। यानी नदी खतरे के निशान से 1.23 मीटर ऊपर बह रही है। वहीं गांधी घाट पर पानी 50.36 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 48.60 मीटर है। यहां गंगा करीब 1.76 मीटर ऊपर बह रही थी।

दियारा में सबसे ज्यादा आफत
गंगा के बढ़ते जलस्तर का सीधा असर पटना के दियारा इलाकों पर पड़ा है। दीघा के सामने नकटा दियारा के कई हिस्सों में पानी फैल चुका है। हालात ऐसे हैं कि लोग नाव के सहारे जरूरी सामान लेकर सुरक्षित जगहों की ओर निकल रहे हैं। दानापुर दियारा की कई पंचायतों में घरों में पानी पहुंचने की खबर है।
मनेर का इस्लामगंज गांव भी गंगा और सोन के बढ़ते पानी से प्रभावित हुआ है। पानी से घिरने के बाद गांव का संपर्क लगभग टापू जैसा हो गया है और नाव ही आने-जाने का प्रमुख साधन बनी हुई है। मोकामा के जंजीरा दियारा और कसहा दियारा समेत कई निचले इलाकों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। ग्रामीण सड़कें डूबने से आवागमन प्रभावित हुआ है। बख्तियारपुर के दियारा क्षेत्रों में भी निचले घरों तक पानी पहुंचने की सूचना है।
बिंद टोली में लोगों ने मरीन ड्राइव पर लिया सहारा
पटना की बिंद टोली से भी बाढ़ की गंभीर तस्वीर सामने आई है। पानी बस्ती में पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में लोग अपना सामान लेकर जेपी गंगा पथ यानी मरीन ड्राइव की ऊंची सड़क की ओर पहुंचे। कई परिवारों ने सड़क किनारे तिरपाल और प्लास्टिक की मदद से अस्थायी ठिकाना बनाया है।
गांधी घाट और हाथीदह पर भी गंभीर स्थिति
गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.36 मीटर दर्ज किया गया है। यहां खतरे का निशान 48.60 मीटर और उच्चतम बाढ़ स्तर 50.52 मीटर है। यानी पानी उच्चतम बाढ़ स्तर के बेहद करीब पहुंच चुका है। हाथीदह में भी गंगा का जलस्तर 43.24 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 41.76 मीटर है। आधिकारिक आंकड़ों में यहां पानी बढ़ने का ट्रेंड दर्ज किया गया है। वहीं कोल्हाचक में गंगा का जलस्तर उच्चतम बाढ़ स्तर से भी ऊपर दर्ज किया गया है। बिहार के कई अन्य इलाकों में भी गंगा, गंडक, पुनपुन और दूसरी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
पटना शहर की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट
गंगा के बढ़ते दबाव को देखते हुए प्रशासन ने पटना शहर की बाढ़ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। शहर को बाढ़ के पानी से बचाने वाली सुरक्षा दीवार के 108 गेट बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। 13 स्लूइस गेटों की स्थिति की भी समीक्षा की गई है। पटना सिटी के कई घाटों पर बैरिकेडिंग की जा रही है और लोगों को नदी के करीब जाने से रोका जा रहा है। भद्र घाट और महावीर घाट जैसे इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। राहत और बचाव के लिए SDRF की 10 नावें, 20 कर्मी और 6 गोताखोर तैयार रखे गए हैं। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बल की मदद लेने की भी तैयारी है।



