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गंडक नदी के उफान से चंपारण में बिगड़े हालात, 4 जगह तटबंध टूटे; 6 जिलों में बाढ़ का असर

गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर से चंपारण में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है, चार जगह तटबंध टूटने से छह जिलों में डेढ़ लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

पटना। बिहार में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। पश्चिम चंपारण में पानी के तेज बहाव और भारी दबाव के कारण चंपारण तटबंध कई जगह क्षतिग्रस्त हो गया है। अलग-अलग स्थानों पर तटबंध टूटने से आसपास के गांवों और निचले इलाकों में तेजी से पानी फैल रहा है। बाढ़ का असर पश्चिम चंपारण के साथ पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली तक है।

गंडक के दबाव में तटबंध को भारी नुकसान

पश्चिम चंपारण के बगहा इलाके में खैरटवा के पास चंपारण तटबंध का बड़ा हिस्सा टूट गया। रिपोर्टों के मुताबिक, यहां करीब 150 फीट तक तटबंध क्षतिग्रस्त हुआ। इसके बाद गंडक का पानी तेजी से आसपास के इलाकों में फैलने लगा। कई गांवों में रहने वाले लोग जरूरी सामान लेकर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे। इसके अलावा बैरिया इलाके के फुलियाखाड़ में भी तटबंध को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें प्रभावित स्थानों पर पहुंचकर पानी के बहाव को नियंत्रित करने और तटबंध की मरम्मत में जुटी हैं।

बगहा में कई इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी

तटबंध टूटने के बाद बगहा शहर और आसपास के निचले इलाकों में पानी पहुंच गया। कई सड़कों पर पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित हुआ है। बगहा-बेतिया और बगहा-वाल्मीकिनगर मार्ग पर भी बाढ़ का असर पड़ा है। कुछ इलाकों में लोगों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। बाढ़ के कारण घरों के साथ-साथ खेतों में लगी फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। ग्रामीण इलाकों में पानी बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।

छह जिलों में बढ़ा बाढ़ का खतरा

गंडक नदी के बढ़े जलस्तर का असर केवल पश्चिम चंपारण तक सीमित नहीं है। पश्चिम चंपारण के अलावा पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नदी के किनारे और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। पूर्वी चंपारण के अरेराज और संग्रामपुर क्षेत्र में भी बाढ़ का पानी कई गांवों तक पहुंचने की खबर है। वहीं, गोपालगंज में कुछ ग्रामीण सड़कों के डूबने से आवागमन प्रभावित हुआ है। सारण में भी खेतों में पानी पहुंचने से किसानों की परेशानी बढ़ी है।

गंडक बराज से छोड़ा गया रिकॉर्ड पानी

गंडक नदी में अचानक बढ़े पानी के पीछे नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में हुई भारी बारिश को अहम कारण बताया जा रहा है। इसके बाद वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज से भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया। बिहार जल संसाधन विभाग के अनुसार, बराज से करीब 5.43 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। नदी का बहाव कुछ समय तक बेहद ऊंचे स्तर पर बना रहा।

जानकारी के मुताबिक बगहा में गंडक का जलस्तर 91.25 मीटर तक पहुंच गया है। इससे तटबंधों पर पानी का दबाव काफी बढ़ गया और कई जगह रिसाव तथा क्षति की स्थिति बनी।

राहत और बचाव कार्य जारी

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। जल संसाधन विभाग की टीमें तटबंधों की मरम्मत और सुरक्षा में लगी हैं। जरूरत वाले स्थानों पर राहत और बचाव दलों को सक्रिय किया गया है।

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