
पटना। बिहार सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए राज्यभर के 4,000 पेट्रोल पंपों पर मार्च 2027 तक 10,000 इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग प्वाइंट स्थापित करने की योजना बनाई है। इसके साथ अगले चार वर्षों में बिहार की सड़कों पर 15 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन लाने का लक्ष्य बताया गया है। इससे शहरों के साथ-साथ लंबी दूरी के सफर में भी ईवी इस्तेमाल करने वालों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
पेट्रोल पंप बनेंगे चार्जिंग का अहम केंद्र
ईवी के तेजी से इस्तेमाल में सबसे बड़ी जरूरत पर्याप्त चार्जिंग सुविधा की है। बिहार सरकार पहले ही पेट्रोल पंप, होटल, मोटल, बस टर्मिनल, व्यावसायिक इलाकों और पार्किंग स्थलों पर चार्जिंग स्टेशन विकसित करने की दिशा में कदम उठा चुकी है। परिवहन विभाग के अनुसार अलग-अलग तरह के चार्जर लगाने पर 75 हजार रुपये से लेकर 2.25 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जा रही है। कुछ मामलों में यह सहायता 15 लाख रुपये तक पहुंच सकती है।
अभी बिहार में कितने चार्जिंग स्टेशन हैं?
केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक 1 मार्च 2026 तक तेल विपणन कंपनियों की ओर से बिहार में 762 EV पब्लिक चार्जिंग स्टेशन लगाए गए थे, जिनमें 676 चालू थे। इनमें पिछले वित्त वर्ष के दौरान भी नए स्टेशन जोड़े गए। वहीं, अप्रैल 2025 तक ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी के आंकड़ों में बिहार में 394 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन दर्ज थे। अलग-अलग सरकारी आंकड़ों में गिनती का अंतर इसलिए हो सकता है क्योंकि इनके स्रोत और चार्जिंग स्टेशनों की श्रेणियां अलग हैं।
ईवी नीति में भी चार्जिंग पर जोर
बिहार की इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति में सार्वजनिक और निजी दोनों स्तर पर चार्जिंग नेटवर्क तैयार करने पर जोर दिया गया है। 2023 की नीति में चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए प्रोत्साहन का प्रावधान है। नीति के अनुसार शुरुआती निर्धारित संख्या में अलग-अलग श्रेणी के चार्जर पर उपकरण और स्थापना लागत के लिए सहायता दी जा सकती है।
15 लाख ईवी का लक्ष्य कितना बड़ा है?
चार वर्षों में 15 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन का लक्ष्य मौजूदा स्थिति की तुलना में काफी बड़ा विस्तार होगा। केंद्र के FAME-II आंकड़ों के अनुसार 31 मार्च 2026 तक बिहार में इस योजना के तहत 29,078 इलेक्ट्रिक वाहनों को सहायता मिली थी। ऐसे में नए लक्ष्य को हासिल करने के लिए वाहन खरीद के साथ चार्जिंग नेटवर्क, बिजली आपूर्ति और शहरों से बाहर सुविधाओं का विस्तार भी जरूरी होगा।



