
पटना: बिहार सरकार ने वाहन चालकों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री वाहन चालक कल्याण योजना शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य राज्य के वाहन चालकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य, बीमा और आर्थिक सुरक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
किन वाहन चालकों को मिलेगा फायदा?
मुख्यमंत्री वाहन चालक कल्याण योजना के लिए सबसे पहली शर्त यह है कि आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए। इसके साथ ही आवेदक की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक के पास परिवहन विभाग की ओर से जारी वैध ड्राइविंग लाइसेंस भी होना जरूरी है। बिना वैध लाइसेंस के आवेदक इस योजना का लाभ नहीं ले सकेगा।
बस, ट्रक और टैक्सी चालक भी पात्र
इस योजना में बस, ट्रक, ऑटो और टैक्सी चलाने वाले ड्राइवर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा किसी व्यक्ति या संस्था का वाहन चलाने वाले चालक भी पात्र हो सकते हैं, अगर संबंधित वाहन का इस्तेमाल व्यावसायिक काम के लिए किया जाता है। यानी अगर कोई चालक किसी व्यक्ति, कंपनी या संस्था का व्यावसायिक वाहन चलाकर अपनी आजीविका कमाता है, तो वह निर्धारित शर्तों को पूरा करने पर योजना के लिए आवेदन कर सकता है।
खुद का वाहन चलाने वालों को भी मिलेगा मौका
योजना की खास बात यह है कि सिर्फ दूसरे का वाहन चलाने वाले ड्राइवर ही नहीं, बल्कि अपने वाहन के मालिक और खुद चालक भी इसका लाभ ले सकते हैं। बस, ट्रक, ऑटो, तिपहिया, ई-रिक्शा और टैक्सी के मालिक अगर खुद अपनी गाड़ी चलाते हैं तो वे पात्रता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा छोटे मालवाहक वाहन के मालिक, जो खुद चालक हैं और बिहार में अपना वाहन चलाते हैं, वे भी योजना के दायरे में आते हैं।
आवेदन के लिए कौन-कौन से कागज जरूरी?
ऑनलाइन आवेदन करने के लिए चालक को कुछ जरूरी दस्तावेज अपने पास रखने होंगे। इनमें आधार कार्ड, बिहार का निवास प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट साइज फोटो, वाहन की आरसी, परमिट और बैंक पासबुक आदि शामिल हैं।
मोबाइल से भी कर सकते हैं आवेदन
योजना के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी गई है। आवेदन करने के लिए सबसे पहले मुख्यमंत्री वाहन चालक कल्याण योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाना होगा। वहां Registration का विकल्प चुनकर मांगी गई जानकारी भरनी होगी।
ड्राइवरों के लिए क्यों जरूरी है यह योजना?
वाहन चालक रोजाना सड़क पर रहते हैं और दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। बीमारी या दुर्घटना के कारण काम बंद होने पर परिवार की आमदनी पर सीधा असर पड़ता है। ऐसे समय में बीमा और स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाएं काफी मदद कर सकती हैं।



