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नेपाल में भूस्खलन से बूढ़ी गंडक में सैलाब,बिहार में बाढ़ का अलर्ट; सीमावर्ती जिलों में बढ़ी सतर्कता

नेपाल में अचानक आई बाढ़ से घरों और पुलों को नुकसान पहुंचने के बाद बिहार में नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।

पटना। नेपाल में कल भूस्खलन के कारण बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक बाढ़ का पानी आने से भारी नुकसान हुआ है। कई घर और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि कुछ लोग लापता बताए गए हैं। इस घटना के बाद बिहार के सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ के खतरे को लेकर चिंता बढ़ गई है। गंडक नदी के जलस्तर और नेपाल से आने वाले पानी की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

बिहार के किन जिलों में बरती जा रही है सतर्कता?

नेपाल में अचानक बढ़े जलप्रवाह के बाद बिहार के गंडक नदी से जुड़े जिलों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

पश्चिमी चंपारण (बेतिया और बगहा)

पूर्वी चंपारण (मोतिहारी)

गोपालगंज

सारण

मुजफ्फरपुर

वैशाली

इसके अलावा सीतामढ़ी और शिवहर जैसे सीमावर्ती जिलों में भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अगस्त में नेपाल में आई बाढ़ के बाद बिहार सरकार ने इन जिलों के प्रशासन को सतर्क रहने और राहत-बचाव की तैयारी रखने का निर्देश दिया था।

गंडक बराज और नदी के जलस्तर पर नजर

नेपाल में बाढ़ की घटना के बाद वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज पर पानी की आवक और नदी के बहाव की निगरानी महत्वपूर्ण हो गई है। जानकारी के अनुसार, जल संसाधन विभाग बराज की निगरानी कर रहा है। केंद्रीय जल आयोग ने भी गंडक नदी के आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

प्रशासन ने लोगों से क्या अपील की?

प्रशासन ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलस्तर में अचानक बदलाव के प्रति सतर्क रहना चाहिए। बाढ़ की आशंका होने पर प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना और सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयार रहना जरूरी है। लोगों को नदी के तेज बहाव में जाने, पुलों के पास जमा होने और अफवाहों पर भरोसा करने से बचना चाहिए। किसी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की मदद लेनी चाहिए।

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