Bharat Bandh : पश्चिम बंगाल में भारत बंद का असर, नक्सलबाड़ी में TMC और ट्रेड यूनियन नेताओं में झड़प, भारी पुलिस बल तैनात
नक्सलबाड़ी में भारत बंद पर TMC-ट्रेड यूनियन भिड़े, पथराव, पुलिस सख्त, जनजीवन ठप।

Bharat Bandh:पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के नक्सलबाड़ी में मंगलवार को भारत बंद (Bharat Bandh) के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) और ट्रेड यूनियन नेताओं के बीच तीखी झड़प हुई। इस घटना ने पूरे इलाके में तनाव की स्थिति पैदा कर दी, जिसके बाद प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात किया। भारत बंद का असर पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में देखा गया, लेकिन नक्सलबाड़ी में स्थिति विशेष रूप से गंभीर रही।
Bharat Bandh: भारत बंद का कारण और असर
भारत बंद का आह्वान विभिन्न ट्रेड यूनियनों ने श्रमिकों के अधिकारों और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए किया था। इस बंद का असर पश्चिम बंगाल के कई शहरों और कस्बों में देखा गया। दुकानें बंद रहीं, सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ और कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने रैलियां निकालीं। नक्सलबाड़ी में स्थिति तब बिगड़ी जब TMC कार्यकर्ताओं और ट्रेड यूनियन नेताओं के बीच तीखी बहस हिंसक झड़प में बदल गई।
Bharat Bandh: नक्सलबाड़ी में क्या हुआ?
नक्सलबाड़ी में ट्रेड यूनियन कार्यकर्ताओं ने भारत बंद (Bharat Bandh) के समर्थन में सड़कों पर प्रदर्शन शुरू किया। इस दौरान TMC के कुछ स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया। दोनों पक्षों के बीच पहले वाद-विवाद हुआ, जो जल्द ही हाथापाई और धक्का-मुक्की में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पथराव भी किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
पुलिस की कार्रवाई और स्थिति पर नियंत्रण
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों को अलग किया और इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं और किसी भी तरह की हिंसा को रोकने के लिए सख्ती बरती जाएगी। स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
भारत बंद से जनजीवन प्रभावित
भारत बंद के कारण नक्सलबाड़ी और आसपास के इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ। स्थानीय दुकानदारों और छोटे व्यवसायियों ने बताया कि बंद की वजह से उनकी रोजी-रोटी पर असर पड़ा। कई लोग अपने काम पर नहीं जा सके, और स्कूल-कॉलेज भी बंद रहे। स्थानीय निवासी रमेश मंडल ने कहा, “हम लोग चाहते हैं कि शांति बनी रहे। ऐसी झड़पों से आम आदमी को ही परेशानी होती है।”