
पटना। बिहार के औरंगाबाद जिले में औद्योगिक गतिविधियों को एक और बड़ा बढ़ावा मिलने जा रहा है। जिले के औद्योगिक क्षेत्र में जिप्सम आधारित उत्पाद तैयार करने वाली एक नई औद्योगिक इकाई स्थापित करने की योजना है। इस परियोजना में करीब 27.57 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। परियोजना के लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है।
बियाडा क्षेत्र में मिली 1.30 लाख वर्गफुट जमीन
प्रस्तावित परियोजना के लिए औरंगाबाद के औद्योगिक विकास केंद्र में करीब 1,30,560 वर्गफुट जमीन आवंटित की गई है। यह जमीन मेसर्स अरंत्या इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड को औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए दी गई है। कंपनी यहां जिप्सम से जुड़े निर्माण उत्पाद तैयार करने की योजना पर काम कर रही है।
जिप्सम पाउडर और बोर्ड का होगा निर्माण
प्रस्तावित यूनिट में मुख्य रूप से कैल्सीनेटेड जिप्सम पाउडर और जिप्सम बोर्ड तैयार किए जाएंगे। जिप्सम बोर्ड का इस्तेमाल भवन निर्माण में फॉल्स सीलिंग, पार्टिशन और इंटीरियर के कई कामों में होता है। वहीं कैल्सीनेटेड जिप्सम का इस्तेमाल अलग-अलग निर्माण उत्पादों में किया जाता है।
जिले में बढ़ेगी औद्योगिक गतिविधि
औरंगाबाद में इस तरह की नई इकाई लगने से जिले के औद्योगिक क्षेत्र में गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। परियोजना के शुरू होने पर उत्पादन से जुड़े कामों के साथ परिवहन, पैकेजिंग और दूसरी सहायक सेवाओं में भी कारोबार बढ़ सकता है।
औद्योगिक पार्क की दिशा में भी काम
औरंगाबाद में बड़े औद्योगिक निवेश के लिए दूसरी परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है। वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे के आसपास औद्योगिक पार्क विकसित करने की योजना है। इसके लिए कुटुंबा प्रखंड में 441 एकड़ से अधिक जमीन से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।
रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद
नई जिप्सम इकाई के शुरू होने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बनने की संभावना है। हालांकि, परियोजना में कितने लोगों को रोजगार मिलेगा और उत्पादन कब शुरू होगा, इसकी अंतिम जानकारी अभी सामने नहीं आई है।



