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सोनपुर और अजगैबीनाथ धाम एयरपोर्ट पर 10 हजार करोड़ का निवेश, सम्राट चौधरी ने दिए काम तेज करने के निर्देश

सोनपुर एयरपोर्ट से बिहार के करीब 22 जिलों के अलावा यूपी और झारखंड के सीमावर्ती इलाकों को लाभ

पटना। बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की लिए दो बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को लेकर सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। सोनपुर ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अजगैबीनाथ धाम ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के पहले चरण में कुल करीब 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को दोनों परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को जरूरी प्रक्रियाएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

PPP मॉडल पर विकसित होंगे दोनों एयरपोर्ट

बैठक में सामने आया कि दोनों एयरपोर्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। अजगैबीनाथ धाम एयरपोर्ट के पहले चरण में करीब 3,500 करोड़ रुपये, जबकि सोनपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण में करीब 6,500 करोड़ रुपये निवेश प्रस्तावित है। इस तरह दोनों परियोजनाओं का शुरुआती निवेश करीब 10 हजार करोड़ रुपये होता है। राज्य सरकार एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण और कनेक्टिविटी से जुड़ी लागत वहन करेगी। अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

सोनपुर एयरपोर्ट के लिए 4228 एकड़ से ज्यादा जमीन

सोनपुर एयरपोर्ट परियोजना को लेकर बिहार सरकार पहले ही बड़ा कदम उठा चुकी है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, सारण जिले में ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए 4,228.61 एकड़ जमीन के अधिग्रहण हेतु करीब 1,302.84 करोड़ रुपये के अनुमानित मुआवजे की प्रशासनिक स्वीकृति मार्च 2026 में दी गई थी।

इसके अलावा अप्रैल 2026 में सोनपुर और अजगैबीनाथ धाम ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के डीपीआर तैयार करने का काम RITES Ltd को सौंपे जाने की जानकारी भी बिहार सरकार के सिविल एविएशन विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज है।

बड़े विमानों के संचालन के लिए तैयार होगा अजगैबीनाथ एयरपोर्ट

अजगैबीनाथ धाम एयरपोर्ट के मास्टर प्लान की समीक्षा के दौरान रनवे और अन्य आधारभूत ढांचे को बड़े विमानों के संचालन के अनुकूल बनाने पर जोर दिया गया। इस एयरपोर्ट से भागलपुर के अलावा मुंगेर, लखीसराय, जमुई, बांका, खगड़िया और बेगूसराय समेत आसपास के जिलों को हवाई सुविधा मिलेगी।

सोनपुर एयरपोर्ट में कार्गो सुविधा पर भी जोर

सोनपुर एयरपोर्ट को बड़े विमानों के संचालन के योग्य बनाने के साथ कार्गो सुविधा विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बैठक में इसे यात्रियों की बेहतर कनेक्टिविटी के साथ क्षेत्रीय व्यापार और लॉजिस्टिक्स के लिए उपयोगी बनाने पर चर्चा हुई। प्रस्तावित एयरपोर्ट से बिहार के करीब 22 जिलों के अलावा उत्तर प्रदेश और झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों को भी लाभ मिलने की बात कही गई है।

मास्टर प्लान, ट्रैफिक सर्वे और DPR की समीक्षा

समीक्षा बैठक में दोनों एयरपोर्ट के टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट, ट्रैफिक सर्वे, मास्टर प्लान, एयरपोर्ट क्षमता, भूमि अधिग्रहण, सड़क संपर्क और आधारभूत ढांचे** से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्माण और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं को तय समयसीमा में पूरा करने तथा परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया।

2030 से पहले सोनपुर एयरपोर्ट पूरा करने का लक्ष्य

सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक सोनपुर एयरपोर्ट का मास्टर प्लान तैयार किया जा चुका है और DPR की प्रक्रिया चल रही थी। रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से बताया गया था कि निर्माण कार्य अगले साल शुरू होने और एयरपोर्ट को 2030 से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि अंतिम समयसीमा परियोजना की स्वीकृतियों और निर्माण प्रक्रिया की प्रगति पर निर्भर करेगी।

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