
पटना। आज बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BUHS) से जुड़े छात्र परीक्षा और रिजल्ट से जुड़ी मांगों को लेकर पटना की सड़कों पर प्रदर्शन किया। यह मुद्दा इसलिए भी अहम है क्योंकि कुछ दिनों पहले ही युवाओं की शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर संवाद के लिए 24 सितंबर को पटना में ‘Youth BOLE TO’ कार्यक्रम हुआ था, जिसमें केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने युवाओं से सीधे बातचीत की थी।
डाकबंगला चौराहे पर छात्रों का प्रदर्शन
पटना में BUHS से जुड़े विद्यार्थियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान डाकबंगला चौराहे पर पुलिस और छात्रों के बीच स्थिति तनावपूर्ण हुई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और कुछ जगहों पर लाठी चार्ज भी किया गया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का मुख्य मुद्दा परीक्षा, परिणाम और शैक्षणिक सत्र में देरी से जुड़ा बताया गया है। विद्यार्थियों का कहना है कि परीक्षा और रिजल्ट समय पर नहीं होने से उनकी पढ़ाई और आगे की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
परीक्षा और रिजल्ट में देरी से परेशान छात्र
BUHS से जुड़े नर्सिंग, पैरामेडिकल और फार्मेसी समेत कई पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी पहले भी परीक्षा और परिणाम में देरी को लेकर सवाल उठा चुके हैं। अगस्त में छात्रों के संगठन ने आरोप लगाया था कि कई ऐसे पाठ्यक्रम, जिन्हें तय समय में पूरा होना चाहिए, उनमें परीक्षा और परिणाम की प्रक्रिया लंबे समय से प्रभावित है।
सितंबर में भी कुछ छात्रों ने परिणामों को लेकर आपत्ति जताई। एक रिपोर्ट के अनुसार, B.Sc नर्सिंग और फार्मेसी के छात्रों के बीच परीक्षा परिणाम को लेकर नाराजगी सामने आई और विश्वविद्यालय की ओर से दोबारा परीक्षा कराने का विकल्प दिया गया था।
चिराग के कार्यक्रम में भी उठे थे शिक्षा के सवाल
यह घटनाक्रम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कुछ दिन पहले ही चिराग पासवान ने पटना के वेटनरी कॉलेज ग्राउंड में युवाओं के साथ ‘Youth BOLE TO’ कार्यक्रम किया था। कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, पेपर लीक और करियर जैसे मुद्दों पर युवाओं ने सवाल पूछे थे। चिराग पासवान ने कार्यक्रम में युवाओं से कहा था कि वे सरकार और शिक्षा व्यवस्था से सवाल करें। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे रखने का मंच देना बताया गया था।



