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UCC पर बिहार NDA में बढ़ी हलचल, JDU ने कहा- पहले ड्राफ्ट देखेंगे; RJD ने नीतीश को दिया साथ आने का ऑफर

UCC को लेकर सियासी घमासान, NDA के सहयोगी पार्टियों ने की ड्राफ्ट देखने की मांग 

पटना: समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर बिहार की सियासत गरमा गई है। BJP की ओर से 2029 से पहले BJP और NDA शासित राज्यों में UCC लागू करने की बात कहे जाने के बाद बिहार में NDA के भीतर अलग-अलग सुर सुनाई दे रहे हैं। जहां BJP UCC को अपने प्रमुख वैचारिक एजेंडे के तौर पर आगे बढ़ाने के पक्ष में है, वहीं उसकी सहयोगी JDU ने फिलहाल कानून का ड्राफ्ट सामने आने तक इंतजार करने की रणनीति अपनाई है। चिराग पासवान की पार्टी भी बिना प्रस्ताव देखे समर्थन देने के पक्ष में नहीं है।UCC का मतलब समान नागरिक संहिता है। इसका उद्देश्य शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत नागरिक मामलों में धर्म के आधार पर अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों की जगह एक समान कानून लागू करना है। BJP लंबे समय से UCC को अपने प्रमुख एजेंडे में शामिल करती रही है।

JDU के सुर में आया बदलाव

JDU नेता श्याम रजक ने बिहार में UCC लागू किए जाने का विरोध किया है। उनका कहना है कि पार्टी का पुराना रुख इस मुद्दे पर स्पष्ट रहा है। हालांकि, बिहार सरकार में वरिष्ठ मंत्री विजय कुमार चौधरी का बयान अपेक्षाकृत संतुलित रहा। उन्होंने कहा कि पहले UCC के प्रावधान सामने आने चाहिए। JDU उन्हें पढ़ेगी और समझेगी। यदि आपत्ति लायक कुछ नहीं हुआ तो केवल विरोध के लिए विरोध नहीं किया जाएगा। वहीं, किसी प्रावधान पर चिंता हुई तो उसे केंद्र के सामने रखा जाएगा।

JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मुद्दे पर बातचीत करने वाले हैं। इससे साफ है कि पार्टी ने अभी UCC को लेकर अंतिम फैसला नहीं किया है।

चिराग पासवान भी रखेंगे अपना पक्ष

NDA के एक अन्य प्रमुख सहयोगी चिराग पासवान ने भी UCC पर तत्काल समर्थन का संकेत नहीं दिया है। उनका कहना है कि भारत विविधताओं वाला देश है और अलग-अलग समुदायों की अपनी परंपराएं और रीति-रिवाज हैं। इसलिए प्रस्ताव सामने आने के बाद सभी संबंधित पक्षों से बातचीत जरूरी है। इसके बाद ही उनकी पार्टी अपना अंतिम रुख तय करेगी।

RJD ने नीतीश को दिया सियासी ऑफर

NDA के भीतर पैदा हुई इस स्थिति को लेकर विपक्ष ने घेरा है। राष्ट्रीय जनता दल ने JDU और चिराग पासवान से UCC पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की है। तेजस्वी यादव ने JDU से सवाल किया है कि यदि वह BJP के एजेंडे से सहमत नहीं है तो फिर NDA सरकार का हिस्सा क्यों है। इसी के साथ RJD की ओर से नीतीश कुमार को BJP छोड़कर विपक्ष के साथ सरकार बनाने का प्रस्ताव भी दिया गया है।

हालांकि, फिलहाल ऐसा कोई स्पष्ट संकेत नहीं है कि नीतीश कुमार NDA छोड़ने की तैयारी में हैं। इसलिए RJD के इस प्रस्ताव को फिलहाल राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

असली परीक्षा नीतीश कुमार की

बिहार की राजनीति में UCC इसलिए भी अहम है क्योंकि JDU का सामाजिक आधार और राजनीतिक रणनीति BJP से कई मामलों में अलग रही है। ऐसे में पार्टी के लिए UCC पर बिना शर्त समर्थन देना आसान नहीं माना जा रहा फिलहाल तस्वीर यही है कि BJP UCC को आगे बढ़ाने के पक्ष में है, JDU ड्राफ्ट का इंतजार कर रही है और चिराग पासवान भी व्यापक चर्चा की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर RJD इसी मतभेद को आधार बनाकर नीतीश कुमार पर दबाव बढ़ा रही है।

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