जमींदारी बांध की होगी मरम्मत , रविशंकर प्रसाद ने सम्राट को लिखी चिट्ठी, पुनपुन की सुरक्षा का उठाया मुद्दा
पुनपुन के जमींदारी बांध की मरम्मत की मांग, रविशंकर प्रसाद ने सरकार से स्थायी समाधान की उठाई आवाज

पटना: पटना साहिब के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पुनपुन नदी से जुड़े एक अहम मुद्दे को सरकार के सामने उठाया है। उन्होंने पुनपुन नदी के पुराने जमींदारी बांध की मरम्मत, मजबूती और आवश्यक स्थानों पर ऊंचाई बढ़ाने की मांग की है। साथ ही बाढ़ के दौरान डूबने वाली सड़क की समस्या का भी स्थायी समाधान करने की बात कही है।

जमींदारी बांध की मरम्मत की मांग
रविशंकर प्रसाद ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे विजय कुमार चौधरी तक इस समस्या को पहुंचाया है। मांग है कि पुराने जमींदारी बांध का तकनीकी सर्वे कराया जाए और जहां बांध कमजोर है, वहां उसकी मजबूती सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा जिन स्थानों पर बांध की ऊंचाई कम है, वहां जरूरत के अनुसार ऊंचाई बढ़ाने और कटाव से बचाव के उपाय किए जाने की मांग की गई है।
किसान और ग्रामीणों को मिलेगी बाढ़ से राहत
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण और गरीब परिवारों पर पड़ता है। मिट्टी के घरों में पानी घुसने से परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ता है। वहीं खेतों में पानी भरने से किसानों की फसल बर्बाद हो जाती है। फसल के नुकसान का असर केवल उस समय की आमदनी पर नहीं पड़ता, बल्कि पशुओं के चारे, घरेलू राशन और अगली फसल की तैयारी तक पर इसका असर होता है। कई परिवारों को नुकसान की भरपाई के लिए कर्ज तक लेना पड़ता है। ऐसे में बांध की मजबूती को केवल निर्माण कार्य के तौर पर नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।
गौरीचक-अलावलपुर-जमुनापुर सड़क का भी उठा मुद्दा
रविशंकर प्रसाद ने गौरीचक से अलावलपुर होते हुए जमुनापुर की ओर जाने वाली सड़क की ऊंचाई का मुद्दा भी उठाया है। बाढ़ के दौरान अगर सड़क डूब जाती है तो ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हो जाता है। इसका सीधा असर मरीजों, बुजुर्गों, बच्चों और जरूरतमंद लोगों पर पड़ता है। एंबुलेंस की आवाजाही से लेकर राशन और दवाइयों की आपूर्ति तक मुश्किल हो सकती है।



