
पटना: बिहार सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर एक महीने का ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू करने जा रही है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों का आयोजन ब्लॉक और विधानसभा स्तर पर किया जाएगा।
अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को सरकारी योजनाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत देना है। शिविर में पहुंचने वाले लोगों को उनकी पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।
इस अभियान के तहत 26 प्रमुख सरकारी योजनाओं को शामिल किया गया है। इनमें आम लोगों से जुड़ी कई कल्याणकारी योजनाएं शामिल हैं। पात्र लाभुक अपने जरूरी कागजात के साथ शिविर में पहुंचकर योजनाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे। अधिकारियों और संबंधित विभागों की टीम मौके पर मौजूद रहेगी, जिससे आवेदन की जांच और आगे की कार्रवाई में तेजी लाई जा सके।
सरकार की योजना है कि अभियान के दौरान ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सरकारी सुविधाओं की जानकारी पहुंचाई जाए। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है।
अभियान के दौरान लोगों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी भी दी जाएगी। जिन मामलों का निपटारा मौके पर संभव होगा, उन्हें वहीं पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। इससे लाभुकों को बार-बार सरकारी कार्यालय जाने की जरूरत कम होगी।
‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगी शुरुआत
17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से शुरुआत होगी, जिसके तहत घरों और सार्वजनिक स्थलों पर दीप जलाए जाएंगे। 17 सितंबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक चलने वाला यह अभियान राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारियां की जा रही हैं। अधिकारियों को शिविरों में आने वाले लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनने और उनका समाधान करने के निर्देश दिया गया है।


