
पटना। बिहार में मानसून का दौर खत्म होने के बाद विकास कार्यों को तेज करने की तैयारी है। सरकार ने नमामि गंगे और अमृत 2.0 जैसी योजनाओं के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए पंचायतों को 1,850 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। इससे पंचायत स्तर पर चलने वाली कई योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।
मानसून के बाद काम में तेजी के निर्देश
मानसून के दौरान बारिश और जलजमाव के कारण कई निर्माण कार्यों की रफ्तार प्रभावित होती है। अब मौसम सामान्य होने के बाद संबंधित विभागों को अधूरे काम तेजी से पूरा कराने पर जोर देने को कहा गया है। खास तौर पर नमामि गंगे और अमृत 2.0 से जुड़े प्रोजेक्ट पर काम तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। इन योजनाओं के तहत पानी, सीवरेज, जल संरक्षण और शहरी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े काम किए जाते हैं।
पंचायतों के विकास के लिए 1,850 करोड़
ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए पंचायतों को 1,850 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इस राशि का इस्तेमाल पंचायतों में स्वीकृत विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में किया जाएगा। पंचायत स्तर पर सड़क, नाली, पेयजल, सामुदायिक सुविधाओं और दूसरी स्थानीय जरूरतों से जुड़े काम किए जाते हैं। राशि उपलब्ध होने के बाद इन कार्यों की गति बढ़ने की उम्मीद है।
स्थानीय जरूरत के हिसाब से होंगे काम
पंचायतों को मिलने वाली राशि का इस्तेमाल संबंधित योजनाओं और सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा। इसका उद्देश्य गांवों में जरूरी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करना और पहले से स्वीकृत विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करना है।
शहरों में पानी और सीवरेज पर फोकस
अमृत 2.0 के तहत शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति, सीवरेज और जल संरक्षण जैसी सुविधाओं को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाता है। वहीं नमामि गंगे कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य गंगा और उसकी सहायक नदियों के प्रदूषण को कम करना तथा नदी से जुड़े क्षेत्रों में साफ-सफाई और सीवरेज व्यवस्था को बेहतर बनाना है। मानसून के बाद इन योजनाओं से जुड़े निर्माण कार्यों में तेजी आने से कई परियोजनाओं के समय पर पूरा होने की संभावना बढ़ेगी। पंचायतों को जारी 1,850 करोड़ रुपये से ग्रामीण स्तर पर विकास कार्यों को भी आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है।



