
पटना। बिहार में मतदाता सूची को अपडेट रखने और पात्र नागरिकों का नाम इसमें शामिल करने के लिए विशेष अभियान चलाने का उद्देश्य है कि कोई भी योग्य मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे। खासकर 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले युवाओं के लिए मतदाता पंजीकरण जरूरी है। हालांकि, अभियान की सटीक तारीख, आवेदन की अंतिम समय-सीमा और जिलेवार कार्यक्रम की पुष्टि आधिकारिक सूचना से करना आवश्यक है।
एक महीने तक चलेगा विशेष पंजीकरण अभियान
बिहार में नए मतदाताओं और मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से छूट गए पात्र लोगों के लिए एक महीने का विशेष पंजीकरण अभियान शुरू होने जा रहा है। इस अभियान में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की भूमिका अहम होगी। वे घर-घर जाकर पात्र नागरिकों की पहचान करने और उनका पंजीकरण कराने में मदद करेंगे।
18 साल के युवाओं के लिए जरूरी है पंजीकरण
इस अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को मतदाता सूची में शामिल करना है। भारत निर्वाचन आयोग के नियमों के मुताबिक, भारतीय नागरिक, जिसकी उम्र निर्धारित अर्हता तिथि पर 18 वर्ष पूरी हो चुकी है, मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकता है। इसके लिए आवेदक का संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में सामान्य रूप से निवासी होना भी जरूरी है। वर्ष 2026 में मतदाता पंजीकरण के लिए अर्हता तिथियां 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर हैं।
नाम जोड़ने और गलतियां सुधारने की प्रक्रिया
जिन पात्र लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं है, वे नए पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 भर सकते हैं। वहीं, पहले से दर्ज नाम, पते या अन्य विवरणों में सुधार कराने और निवास स्थान बदलने की स्थिति में फॉर्म-8 का इस्तेमाल किया जाता है। आवेदन ऑनलाइन भारत निर्वाचन आयोग के नागरिक सेवा पोर्टल पर भी किया जा सकता है। इससे लोगों को आवेदन की प्रक्रिया समझने और जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में मदद मिलती है।
घर बैठे भी जांच सकते हैं मतदाता सूची में नाम
मतदाता सूची में नाम दर्ज है या नहीं, इसकी जांच करना भी जरूरी है। कई बार जानकारी की कमी या दस्तावेजों में अंतर के कारण लोगों को परेशानी होती है। ऐसे में नागरिक निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना नाम खोज सकते हैं। यदि नाम नहीं मिलता है, तो पात्रता के अनुसार नए पंजीकरण के लिए आवेदन किया जा सकता है। मतदाता सूची में नाम होने की पुष्टि मतदान से पहले कर लेना बेहतर रहता है।


