
पटना। बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए राज्य सरकार नई कार्ययोजना तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गंगा, कोसी और गंडक नदियों के बेहतर प्रबंधन के लिए अधिकारियों को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। सरकार की योजना में नए बैराज का निर्माण, मौजूदा तटबंधों को मजबूत करना और नदियों में जमा गाद का प्रबंधन शामिल है। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक में बाढ़ नियंत्रण से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा की थी।
कोसी और गंडक पर नए बैराज बनाने की तैयारी
सरकार ने कोसी और गंडक जैसी प्रमुख नदियों पर नए बैराज बनाने की दिशा में प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। बैराज के जरिए नदी के पानी के प्रवाह को नियंत्रित करने और जल प्रबंधन में मदद मिल सकती है। हालांकि, नए बैराजों की संख्या, स्थान, लागत और निर्माण की समयसीमा का अंतिम विवरण अभी सामने नहीं आया है।
तटबंधों को मजबूत करने पर रहेगा जोर
बिहार में बाढ़ से बचाव के लिए तटबंध महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार ने गंगा, कोसी और गंडक नदियों के दोनों किनारों पर बने तटबंधों को मजबूत करने की योजना बनाई है। इनके साथ सड़क निर्माण की संभावना पर भी काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कोसी क्षेत्र के शुरुआती 100 किलोमीटर हिस्से में डबल शीट पाइलिंग कराने का निर्देश दिया है। इस तकनीक का उपयोग नदी के किनारे मिट्टी के कटाव और पानी के दबाव से सुरक्षा बढ़ाने के लिए किया जाता है।
गाद प्रबंधन से सुधरेगा नदी का प्रवाह
नदियों में जमा गाद बाढ़ प्रबंधन की बड़ी चुनौती है। बिहार सरकार ने गाद के बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने को कहा है, ताकि नदियों की जलधारण और प्रवाह क्षमता में सुधार किया जा सके। इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ योजनाएं तैयार करने और उनकी निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
नेपाल से आने वाले पानी पर भी नजर
बिहार की कई नदियों का जलग्रहण क्षेत्र नेपाल में है। वहां भारी बारिश होने पर कोसी और गंडक सहित कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में तटबंधों की नियमित निगरानी, समय पर चेतावनी और बेहतर जल प्रबंधन बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए जरूरी हैं।



