
पटना। बिहार में 11 अक्टूबर से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। राज्य सरकार ने सभी जिलों में कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस बल बढ़ाने, संवेदनशील जगहों पर विशेष निगरानी रखने और अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस बार डीजे पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही पूजा पंडालों और विसर्जन जुलूसों के लिए लाइसेंस भी जरूरी किया गया है।
डीजे बजाने पर रहेगी पाबंदी
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी प्रीता वर्मा की अध्यक्षता में बैठक हुई। बिहार के सभी जिलों की सुरक्षा तैयारियों को लेकर समीक्षा की गई। अधिकारियों को डीजे पर लगी रोक को सख्ती से लागू कराने का निर्देश दिया गया है। लाउडस्पीकर के लिए भी अनुमति जरूरी होगी और रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक इसके इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी।
पूजा पंडालों के लिए लाइसेंस जरूरी
इस बार पूजा पंडाल, प्रतिमा और विसर्जन जुलूस के लिए 100 प्रतिशत लाइसेंसिंग अनिवार्य की गई है। जुलूस की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई जाएगी। आयोजकों को जिम्मेदार लोगों की सूची और आवश्यक शपथ-पत्र देना होगा।
सोशल मीडिया पर भी पुलिस की नजर
त्योहार के दौरान अफवाह या भड़काऊ संदेश फैलाने वालों पर पुलिस की नजर रहेगी। अधिकारियों ने सोशल मीडिया की निगरानी बढ़ाने और धर्म, जाति या भाषा के नाम पर माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पंडालों में CCTV और मेडिकल टीम
बड़े पूजा स्थलों पर CCTV कैमरे, वॉचटावर और पुलिस बल लगाने की तैयारी है। भीड़ वाले स्थानों पर अलग प्रवेश और निकास की व्यवस्था रखने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर मेडिकल टीम, एंबुलेंस, क्विक रिस्पांस टीम और SDRF की मदद भी उपलब्ध रहेगी। विसर्जन घाटों पर गोताखोर और बचाव दल तैनात किए जाएंगे।
आग से बचाव के लिए भी निर्देश
पूजा पंडालों में अग्नि सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। पंडालों में पर्याप्त अग्निशामक यंत्र, सुरक्षित बिजली वायरिंग और कई निकास द्वार रखने की सलाह दी गई है।



