बिहार में दाल मिल लगाने का मौका, सरकार दे रही ₹25 लाख तक का अनुदान
दलहन की प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार ने नई दाल प्रसंस्करण इकाई लगाने वालों को परियोजना लागत का 33% या अधिकतम ₹25 लाख तक सहायता देने का प्रावधान किया है।

पटना। बिहार में दाल मिल शुरू करने की योजना बना रहे लोगों के लिए खुशखबरी का मौका है। राज्य सरकार दाल मिल लगाने की योजना चला रही है। ‘Establishment of Pulse Processing Unit’ योजना का उद्देश्य राज्य में दलहन की प्रोसेसिंग बढ़ाना, किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना है। फिलहाल यह योजना बिहार के 10 जिलों में लागू है।
दाल मिल पर कितनी मिलेगी सब्सिडी?
योजना के तहत पात्र परियोजना लागत का 33 प्रतिशत या अधिकतम ₹25 लाख, जो भी कम हो, अनुदान के रूप में दिया जाएगा। यानी हर आवेदक को ₹25 लाख मिलना तय नहीं है। अनुदान की वास्तविक राशि परियोजना की पात्र लागत के आधार पर तय होगी। इस सहायता का इस्तेमाल दाल मिल की मशीनरी, भवन, वेयरहाउस और स्टोरेज जैसी पात्र सुविधाओं पर किया जा सकता है। हालांकि भवन और भंडारण ढांचे पर मिलने वाला अनुदान कुल स्वीकृत सब्सिडी के अधिकतम 30 प्रतिशत तक ही रहेगा। जमीन खरीद, बिजली कनेक्शन और कर्मचारियों के खर्च पर सब्सिडी नहीं मिलेगी।
इन 10 जिलों में लागू है योजना
सरकार की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक योजना पटना, नालंदा, जहानाबाद, गया, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, भागलपुर, सुपौल, लखीसराय और औरंगाबाद में लागू है।
दाल मिल की क्षमता और जरूरी शर्तें
नई इकाई की न्यूनतम प्रोसेसिंग क्षमता 300 किलोग्राम प्रति घंटा रखी गई है। मशीनरी को BIS मानकों के अनुरूप होना चाहिए और खाद्य कारोबार के लिए FSSAI समेत जरूरी वैधानिक नियमों का पालन करना होगा। आवेदक के लिए बैंक लोन लेना अनिवार्य है, जबकि परियोजना लागत में कम से कम 15 प्रतिशत अपना अंशदान देना होगा। योजना में किसान उत्पादक संगठन (FPO), CLF, PACS, व्यक्तिगत आवेदक और पंजीकृत कंपनियां/सहकारी संस्थाएं पात्र हो सकती हैं। व्यक्तिगत आवेदक की उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए।
तीन साल तक चलानी होगी इकाई
सब्सिडी लेने के बाद संबंधित संपत्ति को कम से कम तीन साल तक बनाए रखना जरूरी है। स्वीकृत अनुदान दो किस्तों में 50-50 प्रतिशत के रूप में जारी किया जाएगा। राशि DBT के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाएगा।



