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पटना में दुर्गा पूजा को लेकर खास तैयारी: हर वार्ड में तैनात होंगे 10 अतिरिक्त सफाईकर्मी, मूर्ति विसर्जन के लिए बनेंगे कृत्रिम तालाब

दुर्गा पूजा के दौरान शहर को साफ रखने, गंगा में प्रदूषण रोकने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पटना नगर निगम ने सफाई, रोशनी और विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं।

पटना। बिहार में दुर्गा पूजा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राजधानी पटना में पूजा पंडालों के साथ साफ-सफाई और मूर्ति विसर्जन की व्यवस्था पर भी जोर दिया जा रहा है। पटना नगर निगम ने दुर्गा पूजा से छठ महापर्व तक प्रत्येक वार्ड में 10 अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती की गई जाएगी। वहीं, गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए निर्धारित घाटों पर कृत्रिम तालाब तैयार किए जाएंगे।

हर वार्ड में 10 अतिरिक्त सफाईकर्मी संभालेंगे जिम्मेदारी

पटना नगर निगम ने त्योहारों के दौरान सफाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए विशेष योजना बनाई है। दुर्गा पूजा से छठ तक शहर के प्रत्येक वार्ड में 10 अतिरिक्त सफाईकर्मी लगाए जाएंगे। ये कर्मचारी पूजा पंडालों, प्रमुख सड़कों और अधिक भीड़ वाले इलाकों में सफाई तथा कचरा उठाने का काम करेंगे। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया है। बारिश के कारण क्षतिग्रस्त मैनहोल, स्लैब और कैचपिट की मरम्मत करने पर भी जोर दिया गया है।

मूर्ति विसर्जन के लिए बनेंगे कृत्रिम तालाब

दुर्गा पूजा के बाद प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए पटना में निर्धारित स्थानों पर कृत्रिम तालाब बनाए जाएंगे। पटना सिटी के कंगन घाट, किला घाट और दमराही घाट पर अस्थायी तालाब बनाने की तैयारी है। वहीं, पाटलिपुत्र क्षेत्र के मीनार घाट पर करीब छह फुट गहरा तालाब विकसित किया जाएगा। पटिपुल घाट पर पहले से मौजूद तालाब की सफाई और मरम्मत भी की जाएगी।

घाटों पर रोशनी और बैरिकेडिंग की होगी व्यवस्था

विसर्जन स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग और रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। नगर निगम की योजना के अनुसार, घाटों पर भीड़ को व्यवस्थित रखने और विसर्जन के बाद बची पूजा सामग्री तथा प्रतिमाओं के अवशेष हटाने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की मदद ली जाएगी।

पूजा पंडालों में सुरक्षा के निर्देश

दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन सतर्क है। जानकारी के मुताबिक, पटना में इस साल करीब 1,500 पूजा पंडाल हैं। अग्निशमन विभाग ने पंडाल संचालकों को सुरक्षा संबंधी कमियां दूर करने और आग से बचाव के नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।

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