
पटना। बिहार में सरकारी स्कूलों के जर्जर भवनों को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। हाल के दिनों में स्कूलों में छत और सीढ़ियां गिरने की घटनाओं के बाद भवनों की सुरक्षा जांच, मरम्मत और नए निर्माण को लेकर समय-सीमा तय की गई है। जानकारी के अनुसार, स्कूल भवनों की जांच 30 अक्टूबर तक पूरी कर रिपोर्ट ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है।
30 अक्टूबर तक भवनों का होगा सुरक्षा ऑडिट
शिक्षा विभाग के निर्देश पर जिलों में इंजीनियरों की टीमें स्कूल भवनों की स्थिति का आकलन करेंगी। जांच के दौरान छत, दीवार, सीढ़ी, बिजली के तार, पेयजल, शौचालय और अग्नि सुरक्षा जैसी सुविधाओं पर ध्यान दिया जाएगा। जांच में यह भी तय किया जाएगा कि किन भवनों की मरम्मत से उन्हें सुरक्षित बनाया जा सकता है और कौन-से भवन पूरी तरह अनुपयोगी हो चुके हैं। जर्जर घोषित भवनों को हटाने और जरूरत के अनुसार नए भवन बनाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।
खगड़िया में हादसे के बाद बढ़ी चिंत
जानकारी के मुताबिक, बिहार में स्कूल भवनों की सुरक्षा का मुद्दा हाल में खगड़िया जिले में हुए हादसे के बाद गंभीर हो गया। 30 सितंबर 2026 को मानसी प्रखंड के जटाधर मिश्रा प्राथमिक विद्यालय में जर्जर सीढ़ी गिरने से नौ वर्षीय छात्रा की मौत हो गई, जबकि चार बच्चे घायल हुए। इस घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए।
मरम्मत और नए निर्माण के लिए तय समय-सीमा
विभागीय निर्देशों के अनुसार, स्कूलों की जरूरी मरम्मत और बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने का लक्ष्य 30 नवंबर 2026 रखा गया है। वहीं, नए भवनों और अतिरिक्त कमरों सहित अन्य निर्माण कार्यों को 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बच्चों की सुरक्षा सबसे जरूरी
जर्जर भवनों में पढ़ाई करना विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए जांच पूरी होने तक खतरनाक हिस्सों में कक्षाएं चलाने से बचना और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक कक्षाओं की व्यवस्था करना जरूरी है।



