Bihar News: अररिया के सिकटी में मनरेगा के कार्य 31 मार्च तक पूरे करने का निर्देश, 1 अप्रैल से शुरू होगी विकसित भारत जी राम जी योजना
1 अप्रैल से शुरू होगी विकसित भारत जी राम जी योजना, 125 दिन रोजगार गारंटी
Bihar News: बिहार के अररिया जिले के सिकटी प्रखंड में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत चल रहे कार्यों को 31 मार्च 2026 तक पूरा करने का सख्त निर्देश दिया गया है। एक अप्रैल 2026 से यह योजना नए स्वरूप में विकसित भारत ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन गारंटी (वीबी जी राम जी) के नाम से शुरू होगी। केंद्र सरकार द्वारा पारित इस नए अधिनियम से ग्रामीण मजदूरों को अब 100 दिनों की बजाय 125 दिनों की रोजगार गारंटी मिलेगी।
यह बदलाव विकसित भारत@2047 के विजन के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को अधिक उत्पादक, टिकाऊ और आजीविका से जोड़ने के उद्देश्य से किया गया है। स्थानीय अधिकारियों ने ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन कर लोगों को नई योजना की जानकारी दी जा रही है।
मनरेगा से जी राम जी में प्रमुख बदलाव
केंद्र सरकार ने मनरेगा को अपग्रेड कर नए अधिनियम विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 को लागू किया है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून बन चुका है। नए कानून में कई सकारात्मक बदलाव किए गए हैं जो ग्रामीण मजदूरों और किसानों दोनों के हित में हैं।
नए अधिनियम के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों का मजदूरी रोजगार मिलेगा। मनरेगा में यह सीमा 100 दिन थी। कृषि मौसम को ध्यान में रखते हुए राज्यों को बुवाई और कटाई के दौरान अधिकतम 60 दिनों का कार्य विराम घोषित करने का अधिकार दिया गया है। इससे मजदूरों की कृषि कार्यों में भागीदारी सुनिश्चित होगी और खेती पर असर नहीं पड़ेगा।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बायोमैट्रिक हाजिरी, जीआईएस मैपिंग, जियो-टैगिंग, सैटेलाइट इमेजरी और एआई टूल्स से निगरानी की जाएगी। काम का भुगतान साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिनों में अनिवार्य होगा। देरी होने पर स्वतः मुआवजा मिलेगा। काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता भी अनिवार्य रूप से दिया जाएगा।
प्राकृतिक आपदाओं या असाधारण स्थितियों में विशेष छूट और त्वरित राहत के प्रावधान हैं। योजना का फोकस चार मुख्य क्षेत्रों पर होगा – जल सुरक्षा, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संबंधी संपत्तियां और जलवायु परिवर्तन से निपटने के कार्य। इससे जल संरक्षण, सिंचाई, भूजल पुनर्भरण, जल स्रोतों का पुनर्जीवन, वाटरशेड विकास और वनीकरण जैसे कार्यों को बढ़ावा मिलेगा।
सिकटी प्रखंड में वर्तमान स्थिति
सिकटी प्रखंड में मनरेगा के तहत कुल 75 हजार 352 श्रमिक पंजीकृत हैं लेकिन सिर्फ 28 हजार 306 श्रमिक ही सक्रिय हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 19 लाख 80 हजार मानव दिवस का लक्ष्य था जिसमें से 15 लाख 77 हजार दिवस पूरे किए गए। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 16 लाख 44 हजार मानव दिवस का लक्ष्य था जिसमें से 12 लाख 41 हजार दिवस कार्य मुहैया कराया गया।
मनरेगा पीओ अफरोज अहमद ने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा आयोजित की जा रही है। इन सभाओं में ग्रामीणों, मजदूरों, महिलाओं, एससी-एसटी परिवारों और कमजोर वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। लोगों को नई योजना के फायदे बताए जा रहे हैं।
कनीय अभियंता तौसीफ अहमद ने कहा कि जी राम जी योजना से जल सुरक्षा मजबूत होगी। जल संरक्षण, सिंचाई सुविधा, भूजल स्तर बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्यों पर मुख्य ध्यान रहेगा। इससे गांवों की समग्र विकास होगा।
Bihar News: स्थानीय लोगों और समाजसेवियों की प्रतिक्रिया
समाजसेवी प्रणव गुप्ता, क्लब सचिव निशा गुप्ता, बीससूत्री प्रखंड अध्यक्ष गणेश शंकर राय और पैक्स अध्यक्ष भवेश कुमार राय ने इस बदलाव को ग्रामीण परिवारों के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि मजदूरों के अधिकारों में वृद्धि हुई है। ग्राम पंचायत स्तर पर प्रचार-प्रसार से लोग लाभान्वित होंगे और गांवों की तस्वीर बदलेगी।
यह योजना ग्रामीण भारत को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। स्थानीय स्तर पर जागरूकता फैलाने से अधिक से अधिक मजदूर लाभ उठा सकेंगे।



