गरुड़ पुराण में बताए मृत्यु से पहले दिखने वाले 6 बड़े संकेत, अगर ये लक्षण दिखें तो समझें समय बहुत कम बचा है
मृत्यु से 40-45 दिन पहले सपने में बार-बार यमदूत, काले सांप या कब्रिस्तान दिखना, जीभ का रंग काला या नीला पड़ जाना।
Garuda Purana: हिंदू धर्म के 18 महापुराणों में गरुड़ पुराण को सबसे रहस्यमयी और गंभीर ग्रंथ माना जाता है। इसमें मृत्यु, प्रेतयोनि, नरक-स्वर्ग और पुनर्जन्म के अलावा यह भी विस्तार से बताया गया है कि मृत्यु से कुछ दिन या महीने पहले मनुष्य के शरीर और मन में कौन-से असामान्य संकेत दिखाई देने लगते हैं। गरुड़ पुराण के अनुसार ये 6 लक्षण अगर किसी में लगातार दिखें तो समझना चाहिए कि उसका जीवन अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। ये संकेत सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक भी होते हैं।
1. बायां हाथ और बायीं आंख बार-बार फड़कना
गरुड़ पुराण में कहा गया है कि जब मृत्यु नजदीक आती है तो व्यक्ति का बायां हाथ और बायीं आंख बिना किसी कारण के लगातार फड़कने लगती है। यह फड़कना सामान्य नहीं होता, बल्कि लंबे समय तक रहता है। साथ ही शरीर का बायां हिस्सा भारी और सुन्न सा लगने लगता है।
2. सपने में बार-बार यमदूत या काले सांप दिखना
पुराण में लिखा है कि मृत्यु से 40-45 दिन पहले व्यक्ति को रात में बार-बार काले रंग के सांप, यमदूत, काला कुत्ता या कब्रिस्तान का सपना आने लगता है। कई बार व्यक्ति खुद को नदी पार करते या अंधेरे जंगल में भटकते हुए देखता है। ये सपने इतने जीवंत होते हैं कि जागने पर भी डर बना रहता है।
3. जीभ और दांतों का रंग बदलना
गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के करीब आने पर व्यक्ति की जीभ काली या नीली पड़ने लगती है। दांतों पर काला या पीला लेप जम जाता है। मुंह से बदबू आने लगती है, भले ही कितना भी ब्रश कर लें। यह संकेत बहुत गंभीर माना गया है।
4. शरीर का बायां हिस्सा ठंडा पड़ना
मृत्यु से कुछ दिन पहले व्यक्ति का बायां पैर, बायां हाथ और बायीं छाती हमेशा ठंडी रहने लगती है, जबकि दायां हिस्सा सामान्य रहता है। कई बार बायीं नाक बंद और दायीं नाक से ही सांस चलती है। यह यमराज के दूतों के आने का संकेत माना जाता है।
5. चंद्रमा और सूर्य बिना रोशनी के दिखना
गरुड़ पुराण में एक अद्भुत संकेत बताया गया है – मृत्यु के करीब आने पर व्यक्ति को चांद और सूरज बिना चमक के, धुंधले या काले दिखाई देने लगते हैं। आसमान में बादल न होने पर भी सूरज की रोशनी फीकी लगती है। यह आंखों की रोशनी कम होने से नहीं, बल्कि आध्यात्मिक कारण से होता है।
6. अपना चेहरा पानी में नहीं दिखना
सबसे बड़ा और अंतिम संकेत – जब मृत्यु 7 दिन से कम बची हो तो व्यक्ति पानी, शीशे या दर्पण में अपना चेहरा नहीं देख पाता। उसे सिर्फ धुंधला साया या कुछ भी नहीं दिखता। यह संकेत बहुत कम लोगों को मिलता है, लेकिन गरुड़ पुराण में इसे अचूक बताया गया है।
इन संकेतों के दिखने पर क्या करना चाहिए?
गरुड़ पुराण में सलाह दी गई है कि अगर ये लक्षण दिखें तो:
- तुरंत भगवान विष्णु का नाम जपें।
- गरुड़ पुराण या भागवत कथा का पाठ करवाएं।
- गौदान, तिलदान और गरीबों को भोजन कराएं।
- प्रायश्चित और भक्ति में समय लगाएं।
ये संकेत प्रकृति का नियम हैं। इन्हें देखकर डरने की बजाय जीवन के अंतिम समय को सत्कर्मों में लगाना चाहिए। गरुड़ पुराण कहता है – “जो व्यक्ति इन संकेतों को समझकर भक्ति करता है, उसे मृत्यु के बाद उत्तम गति मिलती है।”

