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Bihar Politics: नीतीश कैबिनेट के 26 मंत्रियों को मिले सरकारी बंगले, नए मंत्रियों की पूरी लिस्ट, किसे कहां मिला आवास

कुल 13 नए और 13 पुराने मंत्रियों को बंगले आवंटित; हार्डिंग रोड और स्ट्रैंड रोड जैसे वीआईपी इलाकों में आवास मिले।

Bihar Politics: बिहार में नीतीश कुमार की नई एनडीए सरकार के कैबिनेट विस्तार के बाद मंत्रियों को सरकारी बंगले आवंटित करने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। भवन निर्माण विभाग ने सभी 26 मंत्रियों को पटना के पॉश इलाकों में बंगले अलॉट कर दिए हैं। इसमें 13 पुराने मंत्रियों को उनके मौजूदा बंगले ही बरकरार रखे गए हैं, जबकि 13 नए मंत्रियों को नए आवास दिए गए हैं। स्ट्रैंड रोड, हार्डिंग रोड और सर्कुलर रोड जैसे वीआईपी इलाकों में ये बंगले स्थित हैं। यह आवंटन मंत्रियों को तुरंत काम शुरू करने की सुविधा देगा।

नए मंत्रियों को मिले ये पॉश बंगले

नए चेहरों को मिले बंगलों की लिस्ट इस प्रकार है:

दिलीप कुमार जायसवाल (उद्योग मंत्री): 2 स्ट्रैंड रोड (पहले विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव के पास)

सुरेंद्र मेहता(पशु एवं मत्स्य संसाधन): 33 हार्डिंग रोड

श्रेयसी सिंह(आईटी एवं खेल): 4 स्ट्रैंड रोड

संजय सिंह टाइगर (श्रम संसाधन): 41 हार्डिंग रोड

अरुण शंकर प्रसाद (पर्यटन एवं कला संस्कृति): 25 हार्डिंग रोड

रामकृपाल यादव (कृषि): 43 हार्डिंग रोड

नारायण प्रसाद (आपदा प्रबंधन): 12 हार्डिंग रोड

रमा निषाद (पिछड़ा एवं अति पिछड़ा कल्याण): 3 सर्कुलर रोड

लखेंद्र कुमार रौशन (एससी-एसटी कल्याण): 26 एम स्ट्रैंड रोड

डॉ. प्रमोद कुमार (सहकारिता एवं पर्यावरण): 27 हार्डिंग रोड

संजय कुमार (गन्ना उद्योग): 21 हार्डिंग रोड

संजय कुमार सिंह (लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण): 13 हार्डिंग रोड

दीपक प्रकाश कुशवाहा (पंचायती राज): 24 एम स्ट्रैंड रोड

पुराने मंत्रियों को पुराना पता ही मिला

दूसरी तरफ, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा समेत 13 पुराने मंत्रियों को उनके मौजूदा बंगले ही बरकरार रखे गए हैं। इसमें वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार, मंगल पांडेय, नितिन नवीन, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, मदन सहनी, संतोष कुमार सुमन, सुनील कुमार और मो. जमा खान शामिल हैं।

क्यों जरूरी था तुरंत आवंटन?

भवन निर्माण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कैबिनेट विस्तार के तुरंत बाद बंगले आवंटित करने से मंत्रियों को काम शुरू करने में आसानी होगी। पटना में सरकारी बंगलों की कमी को देखते हुए पुराने मंत्रियों को उसी आवास में रखा गया है, ताकि नए मंत्रियों को भी तुरंत सुविधा मिल सके।

यह आवंटन नीतीश सरकार के नए कार्यकाल की पहली बड़ी प्रशासनिक व्यवस्था है। अब मंत्रियों के पास अपना आधिकारिक निवास होने से जनता से मुलाकात और विभागीय कामकाज में तेजी आएगी। बिहार की राजनीति में बंगला आवंटन हमेशा चर्चा का विषय रहा है, और इस बार भी यह सूची सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

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