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Bihar News: पटना में मेट्रोपोलिटन सर्विलांस यूनिट की स्थापना, 17 विशेषज्ञों की टीम 40 संक्रामक रोगों पर रखेगी नजर, स्वास्थ्य व्यवस्था होगी मजबूत

17 विशेषज्ञों की टीम 40 संक्रामक रोगों पर नजर रखेगी, पटना नगर निगम-केंद्र-राज्य की साझेदारी, आईएचआईपी से रियल-टाइम निगरानी।

Bihar News: पटना शहर की जनस्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए मेट्रोपोलिटन सर्विलांस यूनिट (एमएसयू) की स्थापना की जा रही है। पटना नगर निगम, बिहार सरकार और केंद्र सरकार के बीच त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस यूनिट के गठन से शहरी इलाकों में संक्रामक रोगों की समय पर पहचान, निगरानी और नियंत्रण संभव हो सकेगा। विशेषज्ञों की 17 सदस्यीय टीम लगभग 40 प्रकार के रोगों पर वैज्ञानिक तरीके से नजर रखेगी, जिससे किसी भी स्वास्थ्य आपातकाल में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

यह पहल भारत सरकार की इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म (आईएचआईपी) से जुड़ी हुई है, जहां रियल-टाइम डेटा अपडेट किया जाएगा। इससे रोगों का फैलाव रोकने में बड़ी मदद मिलेगी और पटना जैसे घनी आबादी वाले शहर में स्वास्थ्य सुरक्षा का स्तर ऊंचा उठेगा।

यूनिट में शामिल विशेषज्ञ और उनकी भूमिका

मेट्रोपोलिटन सर्विलांस यूनिट में कुल 17 विशेषज्ञ सदस्य कार्यरत रहेंगे। इनमें पब्लिक हेल्थ स्पेशलिस्ट, माइक्रोबायोलॉजिस्ट, फूड सेफ्टी ऑफिसर, वेटरनरी डॉक्टर, प्रशिक्षित टेक्नीशियन और एंटोमोलॉजिस्ट (कीटविज्ञानी) शामिल होंगे। यह टीम न केवल संक्रामक रोगों की निगरानी करेगी, बल्कि खाद्य सुरक्षा, जलजनित रोगों और पशुजनित बीमारियों पर भी सतत नजर रखेगी।

टीम प्राप्त जानकारी का वैज्ञानिक विश्लेषण करेगी और आवश्यक रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके अलावा, यूनिट में बीएसएल-2 लैबोरेटरी की स्थापना भी की जाएगी, जो उच्च स्तर की जांच सुविधा प्रदान करेगी। सरकारी और निजी अस्पतालों से नियमित स्वास्थ्य डेटा एकत्र किया जाएगा, जिससे कोई भी असामान्य स्थिति जल्दी पकड़ में आ सकेगी।

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, यह यूनिट हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सिस्टम के तहत काम करेगी। इससे पटना में किसी महामारी या स्वास्थ्य संकट की स्थिति में समन्वित और प्रभावी प्रतिक्रिया संभव हो सकेगा।

आईएचआईपी प्लेटफॉर्म से जुड़ाव और रियल-टाइम निगरानी

मेट्रोपोलिटन सर्विलांस यूनिट द्वारा एकत्रित सभी आंकड़ों को भारत सरकार के आधिकारिक इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म (आईएचआईपी) पर रियल-टाइम आधार पर अपलोड किया जाएगा। आईएचआईपी एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो संक्रामक रोगों की निगरानी के लिए विकसित किया गया है। यह प्लेटफॉर्म देशभर में डेटा एकत्रित करके स्वास्थ्य नीतियों को मजबूत बनाने में मदद करता है।

पटना में इस यूनिट के शुरू होने से शहर के स्वास्थ्य डेटा में पारदर्शिता बढ़ेगी। रोगों की शुरुआती चेतावनी मिलने पर तुरंत हस्तक्षेप संभव होगा, जिससे बड़े पैमाने पर फैलाव रोका जा सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था कोविड-19 जैसी महामारियों से सीखते हुए तैयार की गई है, जहां समय पर डेटा की कमी ने चुनौतियां बढ़ाई थीं।

पटना के लिए महत्व और स्वास्थ्य सुरक्षा में नया अध्याय

पटना जैसे तेजी से बढ़ते शहर में जनसंख्या घनत्व अधिक होने के कारण संक्रामक रोगों का खतरा हमेशा बना रहता है। जलजनित रोग, वेक्टर-जनित बीमारियां जैसे डेंगू-मलेरिया और खाद्य विषाक्तता जैसी समस्याएं आम हैं। इस यूनिट की स्थापना से इन रोगों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

बिहार सरकार और केंद्र की इस साझेदारी से पटना नगर निगम की स्वास्थ्य सेवाएं आधुनिक स्तर पर पहुंचेंगी। यूनिट न केवल निगरानी करेगी, बल्कि रोकथाम के उपायों पर भी फोकस करेगी। नगर निगम ने कहा है कि स्थापना की प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा में पूरी की जाएगी और आवश्यक प्रशासनिक व तकनीकी तैयारियां तेजी से हो रही हैं।

यह कदम राष्ट्रीय स्तर पर चल रही मेट्रोपोलिटन सर्विलांस यूनिट्स की योजना का हिस्सा है। केंद्र सरकार ने कई शहरों में ऐसी यूनिट्स स्थापित करने की योजना बनाई है, ताकि शहरी स्वास्थ्य सुरक्षा मजबूत हो। पटना में इसकी शुरुआत बिहार की राजधानी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

Bihar News: चुनौतियां और भविष्य की संभावनाएं

हालांकि यूनिट की स्थापना से स्वास्थ्य तंत्र मजबूत होगा, लेकिन इसे सफल बनाने के लिए निरंतर ट्रेनिंग, संसाधनों की उपलब्धता और अस्पतालों का सहयोग जरूरी है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि निजी अस्पतालों को भी इस नेटवर्क से जोड़ने की जरूरत है, ताकि पूरा डेटा उपलब्ध हो सके।

भविष्य में यह यूनिट एआई और डिजिटल टूल्स के साथ और उन्नत हो सकती है, जिससे पूर्वानुमान आधारित अलर्ट सिस्टम विकसित हो। पटना के निवासियों के लिए यह एक सकारात्मक कदम है, जो स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक विश्वसनीय और तेज बनाएगा।

नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की यह पहल शहर को स्वास्थ्य आपातकाल से बेहतर तरीके से निपटने में सक्षम बनाएगी। उम्मीद है कि जल्द ही यूनिट पूर्ण रूप से कार्यरत हो जाएगी और पटना के लोगों को सुरक्षित स्वास्थ्य वातावरण मिलेगा।

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